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महाराष्ट्र में बढ़ा स्मार्ट मीटर का विरोध

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मुंबई, 15 जून (हि.स.)। अधिक बिजली बिल, बकाया दंड और स्मार्ट मीटर योजना को लेकर महाराष्ट्र में विरोध बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर सोमवार को एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता जयंतराव पाटिल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। उन्होंने मांग की है कि तत्काल अधिक बिजली बिल, बकाया जुर्माना और स्मार्ट मीटर परियोजना को रोका जाना चाहिए।

पाटिल ने बताया कि आम जनता, घरेलू उपभोक्ताओं और व्यापारियों में बहुत गुस्सा और चिंता का माहौल है। स्मार्ट मीटर परियोजना लागू होने के बाद से बिजली बिलों में भारी बढ़ोतरी और उसके साथ लगाए गए पेंडिंग फाइन ने आम लोगों की आर्थिक कमर तोड़ दी है। पड़ोसी राज्य गोवा में भी इसी गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए वहां के मुख्यमंत्री ने जनता के हित में स्मार्ट मीटर लगाने पर कुछ समय के लिए 'ब्रेक' लगाया है। बढ़े हुए बिलों और गलत जुर्माने की जांच करने का निर्देश दिया है। हमारे प्रगतिशील और संवेदनशील महाराष्ट्र में भी ऐसा ही सुकून देने वाला निर्णय लेने की तुरंत ज़रूरत है।

जयंत पाटिल के अनुसार जब से पुराने मीटरों की जगह स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, तब से उपभोक्ताओं को अचानक बहुत ज़्यादा बिलों का भुगतान करना पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं से बिना किसी पूर्व सूचना के पिछले समय का भारी जुर्माना यह कहकर वसूला जा रहा है कि उनकी असल खपत ज्यादा है, जो उन्होंने घर बनाते समय या कनेक्शन लेते समय मंज़ूर करवाया था। कई जगहों पर तो पुराने मीटर वर्षों से बंद थे या धीरे चल रहे थे। बिजली विभाग की गलती और प्रशासनिक लापरवाही का पूरा आर्थिक बोझ एक साथ जुर्माने के रूप में आम उपभोक्ताओं पर डालना गलत है। इससे लोगों के मन में स्मार्ट मीटर पर संदेह पैदा हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन और आंदोलन शुरू हो गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार