धारावी परियोजना का विरोध, 15 अगस्त को प्रदर्शन
मुंबई, 08 अगस्त (हि.स.)। धारावी पुनर्विकास परियोजना के विरोध में धारावीकरों के साथ मुलुंड और कुर्ला के लोगों ने भी मोर्चा खोल दिया है। 500 वर्गफुट के घर, सभी धारावीवासियों का धारावी में ही पुनर्वास के साथ ही मुलुंड व कुर्ला की जमीन पर पुनर्वास रद्द करने की मांग को लेकर 15 अगस्त को तिरंगा रैली निकाली जाएगी। यह विरोध प्रदर्शन धारावी, मुलुंड पूर्व और कुर्ला मदर डेयरी में होगा। इसके 10 दिन बाद तीनों क्षेत्रों के लोग संयुक्त रूप से बड़ा आंदोलन करेंगे।
धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत पात्र झोपड़पट्टीवासियों को 350 वर्गफुट के घर दिए जाने हैं, जबकि अपात्र लोगों को मुंबई के विभिन्न स्थानों पर किराए के मकानों में पुनर्वासित करने की योजना है। इसका धारावी बचाव कृति समिति विरोध कर रहा है। समिति की मांग है कि घर का आकार 350 के बजाय 500 वर्गफुट किया जाए और किसी भी धारावीवासी को अपात्र बताकर धारावी से बाहर न किया जाए। दूसरी ओर, मुलुंड पूर्व की 42.51 एकड़ मिठागर भूमि डीआरपी को हस्तांतरित की गई है, जबकि मुलुंड डंपिंग ग्राउंड की 15 एकड़ जमीन भी पांच वर्ष के लिए दी गई है।
मुलुंडवासियों को पर्यावरणीय नुकसान और धारावीवासियों के पुनर्वास पर आपत्ति है। कुर्ला के लोग भी मदर डेयरी की जमीन देने का विरोध कर रहे हैं और न्यायालयीन लड़ाई लड़ रहे हैं। शिवसेना (ठाकरे गुट) के विधायक आदित्य ठाकरे की मुलुंड, कुर्ला और धारावी के निवासियों के साथ हुई बैठक में आंदोलन तेज करने का फैसला लिया गया। धारावी में दोपहर 3 बजे मुकुंदनगर के संविधान चौक से रैली निकलेगी और शिवनारायण बावड़ी पर समाप्त होगी। यहां सभा भी होगी। धारावी बचाव आंदोलन के समन्वयक बाबूराव माने ने 500 वर्गफुट के घर, शाहूनगर वासियों का शाहूनगर में ही 750 वर्गफुट में पुनर्वास और जबरन घर खाली नहीं कराने की मांग दोहराई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

