नांदेड़ गुरुद्वारा का पुराना कानून रद्द
मुंबई, 21 जून (हि.स.)। महाराष्ट्र के नांदेड़ में दुनिया भर में मशहूर 'नांदेड़ सिख गुरुद्वारा सचखंड श्री हजूर अपचलनगर साहिब' का प्रशासनिक मंडल को अब समय के साथ अधिक बेहतर बनाया जाएगा। इस गुरुद्वारे के लिए 70 साल पहले यानी 1956 में बने कानून को रद्द कर दिया गया है। उसकी जगह नया कानून लागू करने का फैसला रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कैबिनेट की बैठक में इस आशय का प्रस्ताव पेश किया था। बावनकुले ने बताया कि पिछले कुछ वर्षो में नांदेड़ गुरुद्वारे में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बहुत बढ़ गई है। प्रशासन के काम का दायरा भी बढ़ गया है। इसी पृष्ठभूमि में 1956 के कानून के कई प्रोविजन सामने आए हैं। गुरुद्वारे के प्रशासन को और ज्यादा पारदर्शी और क्रियाशील बनाने के लिए कानून में बदलाव का सुझाव देने के लिए जस्टिस भाटिया कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी की सिफारिशों के अनुसार सरकार ने अब नया कानून लाने का फैसला किया है।
पुराना कानून 'द नांदेड़ सिख गुरुद्वारा सचखंड श्री हजूर अपचलनगर साहिब एक्ट, 1956' खत्म कर दिया जाएगा। इसकी जगह नए कानून 'द तख्त सचखंड श्री हजूर उपचलनगर साहिब गुरुद्वारा एक्ट' का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। मंजूरी के लिए इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा। इस नए कानून का ड्राफ्ट विधि व न्याय विभाग की सलाह से अंतिम किया जाएगा और मानसून सत्र में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। विधानसभा से मंजूरी मिलने के बाद इस कानून को अंतिम किया जाएगा। उसके बाद गुरुद्वारे के नए नियम, चुनाव नियम और बाय-लॉज़ तैयार किए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

