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ओबीसी महामंडल के मसले दिसंबर तक होंगे हल

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मुंबई, 01 सितंबर (हि.स.)। मंत्रिमंडल की ओबीसी उपसमिति की मंगलवार को बैठक हुई। उपसमिति के अध्यक्ष व राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने वित्त विभाग की ओर से मंज़ूर फंड तुरंत ओबीसी विभाग को देने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यह फंड देने की कानूनी मजबूरी होने के बावजूद अधिकारियों ने समय बर्बाद किया है।

मंत्री छगन भुजबल, गुलाबराव पाटिल और संजय राठौड़ के फंड में देरी पर आपत्ति जताने के बाद, बावनकुले ने अधिकारियों से सवाल किए हैं। इस बैठक में मंत्री भुजबल, गुलाबराव पाटिल, संजय राठौड़, अतुल सावे, गणेश नाईक और संबंधित विभागों के वऱिष्ठ अधिकारी शामिल थे. राजस्व मंत्री ने बताया कि राज्य में ओबीसी छात्रों के लिए हॉस्टल की जगह, बकाया स्कॉलरशिप और 36 ओबीसी जातियों को केंद्रीय सूची में शामिल करने जैसे करीब 13 से 14 ज़रूरी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही ओबीसी महामंडल के लिए फंड का मुद्दा दिसंबर तक सुलझाने और कुछ मुद्दों को राज्य योजना कमेटी को भेजने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार का काम ओबीसी समुदाय के सभी वर्गों को न्याय दिलाना है। सरकार ओबीसी छात्रों की योजनाओं और महामंडल को मज़बूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। फंड की कमी नहीं होने दी जाएगी।

महाज्योति और दूसरे कॉर्पोरेशन के लिए फंड पर फैसला 'महाज्योति' समेत सभी महामंडलों को 300-300 करोड़ रुपये दिए गए हैं। हालांकि महाज्योति ने 1,000 करोड़ रुपये की मांग की है। जब फंड की कमी के कारण कोर्स बंद होने की बात सामने आई, तो 300 करोड़ रुपये के फंड की कमी का कारण उपसमिति के सामने रखने और प्रस्ताव कैबिनेट के सामने लाने के निर्देश दिए गए हैं। 125 करोड़ रुपये के पेंडिंग बिल तुरंत वित्त विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। 'महाज्योति' की पीएचडी फेलोशिप की 126 करोड़ रुपये की पेंडिंग देनदारी है। यह सारा फंड दिसंबर तक मिल जाएगा। ओबीसी छात्रों के लिए विदेशी स्कॉलरशिप की लिमिट 75 से बढ़ाकर 200 करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।

ज्ञानज्योति सावित्रीबाई फुले आधार योजना के लिए माता-पिता की इनकम लिमिट 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने का प्रस्ताव एसपीसी को भेजा गया है। उच्च शिक्षा ले रहे छात्रों को हॉस्टल की सुविधा देने के लिए 'पीपीपी' मॉडल तैयार किया जाएगा। छात्रों की बकाया स्कॉलरशिप देने के लिए 4,134 करोड़ रुपये का वार्षिक प्रावधान किया गया है। आश्रम स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए पिछले साल के 48 करोड़ के बिल का भुगतान किया जाना है। इसके लिए 200 करोड़ की मांग है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार