खेत अतिक्रमण के झगड़े में सीधे ई-मेल पर मिलेगी नोटिस
मुंबई, 23 जुलाई (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों में खेत- खलिहान के कब्जे और पानी के बहाव में रुकावट डालने वाले अतिक्रमणकारियों पर नकेल कसने के लिए बहुत सख्त निर्णय लिया है। संबंधित कानून में बदलाव किया गया है और नए नियमों के अनुसार केस में सुनवाई के लिए नोटिस सीधे ई-मेल पर भेजी जाएगी। सात ही प्रभावित किसानों को मुफ्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। राजस्व विभाग ने इस संबंध में गुरुवार को सर्कुलर जारी किया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने यह पहल की है। तहसीलदार का ऑर्डर नहीं मानने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अक्सर खेती के झगड़े इस आधार पर लंबित रह जाते थे कि नोटिस नहीं मिला या टाल दिया गया। इसका हल निकालने के लिए तहसीलदार कोर्ट एक्ट, 1906 में एक नया 'सेक्शन 14-ए' जोड़ा गया है। इसके अनुसार अब महाराष्ट्र लैंड रेवेन्यू कोड में नियमों के साथ ई-मेल से नोटिस भेजकर क्वासी-ज्यूडिशियल सुनवाई का प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
राज्य सरकार के अनुसार तहसीलदार के आदेश में प्रभावित किसान को मुफ्त पुलिस सुरक्षा देने का जिक्र नहीं है। लेकिन इस तकनीकी कमी की वजह से प्रभावित किसान को सुरक्षा से वंचित नहीं रखा जा सकता। गृह विभाग के जरिए सभी पुलिस स्टेशनों को सावधानी बरतने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। पुणे विभागीय आयुक्त की समिति की सिफारिशों के अनुसार राजस्व और गृह विभाग ने मिलकर यह ऑर्डिनेंस पास किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

