डॉ प्रशांत नेशनल वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में सम्मानित
मुंबई, 26जुलाई ( हि.स.) । ठाणे के पर्यावरण स्कॉलर और वरिष्ठ पत्रकार डॉ. प्रशांत रवींद्र सिनकर, जो पिछले 27 सालों से लगातार पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं, के काम की राष्ट्री स्तर पर पहचान मिली है। पर्यावरण के क्षेत्र में उनके शानदार योगदान को इंडियन नेशनल वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है और हाल ही में उन्हें सर्टिफिकेट ऑफ़ ऑनर से सम्मानित किया गया है।
डॉ. प्रशांत सिनकर ने पानी के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, बायोडायवर्सिटी के संरक्षण, पेड़ों की सुरक्षा, नदी के संरक्षण, सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट और पर्यावरण जागरूकता जैसे विषयों पर लगातार लिखा और रिसर्च किया है। उन्होंने पर्यावरण को हर नागरिक की जीवन शैली का एक ज़रूरी हिस्सा बनाने के मकसद से लगातार जागरूकता पैदा करने का काम किया है।
उन्होंने ठाणे शहर में बढ़ते कंक्रीटीकरण, हरे-भरे इलाकों के संरक्षण, बारिश के पानी को मिट्टी में सोखने के उपायों, क्लाइमेट चेंज के असर और बायोडायवर्सिटी की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर लगातार अपना स्कॉलरली स्टैंड पेश किया है। उनके कई पर्यावरण के अनुकूल सुझाव सरकार और स्थानीय प्रशासन तक पहुँच चुके हैं और उन पर ध्यान भी दिया गया है।
बताया जाता है कि यह सम्मान खास तौर पर पर्यावरण के प्रति उनके समर्पण, समाज के फायदे के लिए किए गए लगातार काम और सस्टेनेबल डेवलपमेंट में उनके योगदान के लिए दिया गया है। यह सम्मान ईकोओएचजी Ekohg LLC (USA-इंडिया) के ज़रिए दिया गया है। इस राष्ट्रीय सम्मान ने ठाणे समेत महाराष्ट्र के पर्यावरण क्षेत्र को एक और प्रतिष्ठित सम्मान दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

