परिक्षण के 1 साल बाद भी ठाणे में मेट्रो नहीं, एनसीपी ने पटरी पर पुष्प चढ़ाये
मुंबई, 22 सितंबर ( हि. स.) I - ठाणे शहर की आने वाली लाइफलाइन मेट्रो लाइन का ट्रायल रन 22 सितंबर, 2025 को बड़े ज़ोर-शोर से किया गया था। लेकिन, एक साल बाद भी मेट्रो शुरू नहीं हुई है। एक साल पहले मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री द्वारा किया गया ट्रायल रन रेगुलर शुरू हो, यह पक्का करने के लिए विधायक डॉ. जितेंद्र आव्हाड के निर्देशानुसार में, राष्ट्रवादी कांग्रेस-शरद चंद्र पवार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष मनोज प्रधान की लीडरशिप में, वर्किंग प्रेसिडेंट प्रकाश पाटिल और ग्रुप लीडर अभिजीत पवार की मौजूदगी में, मानपाड़ा पुलिस स्टेशन के सामने मेट्रो लाइन पर फूल चढ़ाकर और श्रीफल उठाकर अनोखा आंदोलन किया।
उल्लेखनीय है कि वडाला-घाटकोपर-मुलुंड-कासरवडावली-गायमुख की 'मेट्रो लाइन-4 और 4-A' प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 35.20 km है। इस पूरी एलिवेटेड लाइन पर कुल 32 स्टेशन होंगे। प्रोजेक्ट की कुल लागत 15,498 करोड़ रुपये है। इस मेट्रो लाइन का ट्रायल रन पिछले साल किया गया था। हालांकि, एक साल बाद भी उम्मीद के मुताबिक काम नहीं हुआ है। इसी के विरोध में नेशनलिस्ट कांग्रेस-शरद चंद्र पवार पार्टी की तरफ से यह अनोखा आंदोलन किया गया। इस मौके पर बप्पा हुक्मरानों को सद्बुद्धि दो...ठाणेकरों को मेट्रो में बैठने दो, यह सरकार क्या करे; सिर नीचे और पैर ऊपर, घोड़बंदरकरों को ट्रैफिक-फ्री सफर दो, ये नारे कार्यकर्ताओं ने लगाए।
आज शाम करीब 4 बजे चितलसर-मानपाड़ा पुलिस स्टेशन के सामने मेट्रो लाइन पर एनसीपी -शरद चंद्र पवार पार्टी के कार्यकर्ता मनोज प्रधान के नेतृत्व और ग्रुप लीडर अभिजीत पवार की मौजूदगी में इकट्ठा हुए। इन कार्यकर्ताओं ने प्रस्तावित स्टेशन पर जाकर रेलवे लाइन और स्टेशन बोर्ड पर माला पहनाई, रेलवे ट्रैक पर नारियल फोड़े और शासकों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की।
इस बारे में मनोज प्रधान ने कहा, एक साल पहले, आज ही के दिन, 22 सितंबर को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बड़ी धूमधाम से मेट्रो रैक में आकर बैठे थे। उनके कार्यकर्ता उस मेट्रो रैक में बैठे थे और दो स्टेशनों की मेट्रो चली थी; आज उसे एक साल पूरा हो गया।उस समय वे कह रहे थे कि यह एक टेस्ट है। फिर आपने माला पहनाकर उद्घाटन के तौर पर इसका उद्घाटन क्यों किया, जबकि यह एक टेस्ट था? यह सवाल हमारे मन में है। आपने यह कार्यक्रम सिर्फ और सिर्फ ठाणे नगर निगम चुनाव को ध्यान में रखकर किया था। आज पूरा एक साल पूरा हो गया है। आज ऐसा लग रहा है कि यह मेट्रो अगले एक साल में शुरू नहीं होगी। आज वे कह रहे हैं कि हम दो-तीन महीने बाद कैडबरी तक यह मेट्रो लाइन शुरू कर देंगे। लेकिन हमने जानबूझकर आज यहां यह अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है क्योंकि हम इस मेट्रो को जल्द से जल्द वडाला तक चलाना चाहते हैं। अगर आप सच में ठाणे स्टेशन पर ट्रैफिक कम करना चाहते हैं और घोड़बंदर के लोगों को आराम देना चाहते हैं, तो इस मेट्रो को सिर्फ वडाला तक ही नहीं, बल्कि CST तक भी चलाएं। इस हिसाब से हम कहते हैं कि अगर हम 10 साल में एलिवेटेड मेट्रो शुरू नहीं कर पाए, तो आप समझ सकते हैं कि रिंग रेलवे का क्या होगा। आप 12,200 करोड़ रुपये से जो रिंग रेलवे शुरू करने जा रहे हैं; पहले मेट्रो लाइन चार और पांच शुरू करें और फिर अगर ज़रूरी हो, तो रिंग रेलवे का काम शुरू करें।
इस बीच, कहा गया कि कैडबरी और कासरवडावली के बीच मेट्रो नए साल में आम लोगों के लिए खोल दी जाएगी। लेकिन, मेट्रो शुरू होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं; बल्कि , मेट्रो के काम में गुणवत्ता और योजनाओं प्लानिंग की कमी है। प्रधान ने यह भी कहा कि एनसीपी -शरद चंद्र पवार पार्टी रुके हुए मेट्रो के काम और कॉन्ट्रैक्टर और सरकार की मिलीभगत की वजह से ठाणे के लोगों को हो रहे ट्रैफिक जाम के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

