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खेत-सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों की अब खैर नहीं!

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मुंबई, 26 मार्च (हि.स.)। : खेत और रोड पर कब्ज़ा करने या सड़क को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। ऐसे लोगों का आधार कार्ड और किसान पहचान पत्र 5 साल के लिए ब्लॉक कर दिया जाएगा। इससे संबंधित व्यक्ति अलग-अलग सरकारी योजनाओं और मदद के लिए अपात्र हो जाएगा। यह घोषणा राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरुवार की।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सुझाव पर राजस्व मंत्री बावनकुले ने मुख्यमंत्री बलिराजा फार्म/पनंद रोड स्कीम को लागू करने में फैसला किया है। राजस्व विभाग ने इस बारे में आदेश जारी कर दिया है। यदि गांव के नक्शे पर सड़कों पर या सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा है, तो तहसीलदार संबंधित व्यक्ति को 7 दिन का नोटिस देंगे। अगर समय रहते कब्ज़ा नहीं हटाया गया, तो उसे सरकारी स्तर पर हटाया जाएगा। खासकर, उन सड़कों पर कोई भी फसल नहीं उगा पाएगा, जहां किसानों को महाराष्ट्र लैंड रेवेन्यू कोड या मामलेदार एक्ट के तहत आने-जाने का अधिकार मिला हुआ है।

बावनकुले ने बताया कि इस योजना के लिए कोई ज़मीन अधिग्रहण नहीं की जाएगी। जो किसान अपनी मर्ज़ी से ज़मीन दान करेंगे, उन्हें पंजीकृत दान या रिलीज़ डीड करवानी होगी। सरकार ने ऐसे पंजीकरण के लिए ज़रूरी स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण फ़ीस माफ़ करने का अहम फ़ैसला लिया है। एक बार ज़मीन देने के बाद, किसान को उसे वापस मांगने का अधिकार नहीं होगा। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र लेवल की कमेटी में 5 विकसित किसानों को चुनने का तरीका भी बदल दिया गया है। अब स्थानीय विधायक को यह अधिकार दिया गया है कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र से किन्हीं 5 किसानों को कमेटी का चेयरमैन बना सकते हैं।

मंत्री बावनकुले के अनुसार टेंडर जमा करते समय, ठेकेदार को 15 लाख रुपये या काम की राशि का 2 प्रतिशत (जो भी ज़्यादा हो) सिक्योरिटी डिपॉज़िट के तौर पर देना होगा। काम में खामियां होने पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। साथ ही, काम की लागत के लिए अब ठेकेदार के पास मशीनरी का मालिकाना हक होना ज़रूरी कर दिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार