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बांग्लादेशी घुसपैठियों के बहाने पात्र फेरीवालों पर न हो ज्यादती- निरुपम

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मुंबई, 26 मार्च (हि.स.)। शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय निरुपम ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के बहाने अधिकृत फेरीवालों को परेशान न करना का अनुरोध मुंबई मनपा और पुलिस प्रशासन से किया है। उन्होंने बांबे हाई कोर्ट के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए सुझाव दिया है कि फेरीवालों के मसले का उचित हल निकाला जाना चाहिए।

निरुपम ने गुरुवार को मुंबई मराठी पत्रकार संघ में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि केवल स्ट्रीट वेंडर्स को टारगेट करना गलत है। इस कार्रवाई से ईमानदारी से अपना घर चलाने वाले हजारों फेरीवालों के परिवारों के साथ अन्याय हो रहा है। मैं शीघ्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को फेरीवालों के मुद्दे पर एक पत्र लिखूंगा। बाग्लादेशी फेरीवालों के नाम पर कानूनी रूप से अधिकृत हॉकरों के विरूद्ध भी कार्रवाई हो रही है। मुंबई पुलिस को चुनौती देता हूं कि वे पिछले 2 महीनों में कितने गैर-कानूनी बांग्लादेशी हॉकरों के खिलाफ कार्रवाई की है, इसके पक्के आंकड़े बताएं। साथ ही, संबंधित कार्रवाई में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, उन लोगों की जानकारी और सबूत सार्वजनिक किए जाएं। यदि पुलिस सच में गैर-कानूनी बांग्लादेशी नागरिकों को ढूंढना चाहती है, तो केवल स्ट्रीट वेंडर्स पर फोकस करना काफी नहीं होगा। लेदर और टेक्सटाइल फैक्ट्रियों, जरी (कढ़ाई) इंडस्ट्री और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन में काम करने वाले वर्कर्स की भी पूरी तरह से जांच होनी चाहिए।

निरुपम ने कहा कि मुंबई मनपा में 1 लाख से ज़्यादा हॉकर अधिकृत रूप से पंजीकृत हैं। ये सभी फेरीवाले कानूनी तौर पर अपना काम कर रहे हैं। लेकिन गैर-कानूनी होने के नाम पर उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई तुरंत रोकी जानी चाहिए। एक ओर केंद्र सरकार की अलग-अलग योजनाओं के ज़रिए फेरीवालों को आर्थिक मदद और लोन दिए जाते हैं। दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन और पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करती हैं। यह दोहरी भूमिका चिंता की बात है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार