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मंत्री नितेश राणे फिक्की के चौथे ‘मैरीटाइम इंडिया सम्मेलन एवं प्रदर्शनी’ के उद्घाटन सत्र को करेंगे संबोधित

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मंत्री नितेश राणे फिक्की के चौथे ‘मैरीटाइम इंडिया सम्मेलन एवं प्रदर्शनी’ के उद्घाटन सत्र को करेंगे संबोधित


मुंबई, 30 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के मत्स्य पालन एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश नारायण राणे फिक्की (भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ) द्वारा आयोजित चौथे ‘मैरीटाइम इंडिया सम्मेलन एवं प्रदर्शनी’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। सम्मेलन का उद्घाटन आगामी सोमवार को मुंबई स्थित बॉम्बे प्रदर्शनी केंद्र में होगा।

मंत्री नीतेश राणे के कार्यालय की ओर से शुक्रकवार को जारी प्रेस बयान के अनुसार 2 से 4 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में नीति निर्माता, बंदरगाह प्राधिकरणों के अधिकारी, जहाजरानी एवं जहाज निर्माण कंपनियों के प्रतिनिधि और निवेशक हिस्सा लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के प्रयासों को गति देना है। बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन की मुख्य थीम ‘वैश्विक समुद्री केंद्र के रूप में भारत : व्यापार, परिवर्तन और सतत विकास’ रखी गई है। पिछले संस्करण की तुलना में इस वर्ष प्रदर्शनी का विस्तार उल्लेखनीय रूप से किया गया है। अब तक 10,000 से अधिक व्यावसायिक आगंतुक पंजीकरण करा चुके हैं, जबकि कुल 16,000 आगंतुकों की भागीदारी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले संस्करण में लगभग 7,200 आगंतुक शामिल हुए थे। प्रदर्शनी का क्षेत्रफल बढ़ाकर 10,000 वर्ग मीटर कर दिया गया है, जो वर्ष 2025 की तुलना में करीब 40 प्रतिशत अधिक है। इसमें 150 से अधिक कंपनियां हिस्सा लेंगी, जिनमें 92 प्रतिशत कंपनियां निजी क्षेत्र की होंगी।

उद्घाटन सत्र में मंत्री नितेश राणे के साथ फिक्की के मनोनीत अध्यक्ष एवं सन्मार समूह के अध्यक्ष विजय शंकर, फिक्की की बंदरगाह एवं जहाजरानी समिति के अध्यक्ष तथा जे. एम. बख्शी के प्रबंध निदेशक ध्रुव कोटक, मुंबई में नीदरलैंड के महावाणिज्यदूत नबील तौआती, भारतीय नौवहन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बिनेश कुमार त्यागी, भारतीय बंदरगाह संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह, नौवहन महानिदेशालय के महानिदेशक श्याम जगन्नाथन तथा भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशील कुमार लोहानी उपस्थित रहेंगे।

सम्मेलन के दौरान आधुनिक बंदरगाह, व्यापार एवं वैश्विक संपर्क, माल परिवहन एवं भंडारण व्यवस्था, जहाज निर्माण, पर्यावरण अनुकूल जहाजरानी, अंतर्देशीय जलमार्ग, समुद्री पर्यटन तथा समुद्री निवेश एवं सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सात प्रमुख सत्र आयोजित किए जाएंगे।

इस आयोजन में एमएससी, सीएमए सीजीएम, मस्र्क, हापाग-लॉयड, डीपी वल्र्ड और पीएसए जैसी प्रमुख वैश्विक जहाजरानी एवं बंदरगाह प्रबंधन कंपनियां हिस्सा लेंगी। इनके साथ कोचीन शिपयार्ड, मझगांव डॉक, जीआरएसई और टिटागढ़ जैसी प्रमुख जहाज निर्माण कंपनियों तथा बीपीसीएल, ओएनजीसी और अन्य प्रमुख औद्योगिक संस्थानों की भागीदारी भी अपेक्षित है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव