नासिक टीसीएस मामले में जाकिर नाईक और एआईएमआईएम नेताओं की हो जांच : निरूपम
मुंबई, 08 जून (हि.स.)। शिवसेना (शिंदे गुट) के उपनेता और प्रवक्ता संजय निरूपम ने दावा किया है कि नासिक की टीसीएस कंपनी में एक हिंदू महिला कर्मचारी के कथित धर्मांतरण, यौन और आर्थिक शोषण के मामले के पीछे मलेशिया और पाकिस्तान से जुड़ा एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क एक्टिव हो सकता है। उन्होंने कहा कि अदालत में दायर की गई चार्जशीट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इस मामले में जाकिर नाईक और एआईएमआईएम के नेताओं की जांच होनी चाहिए।
संजय निरुपम ने सोमवार को प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पीड़िता को ब्रेनवॉश करने के लिए कथित तौर पर ज़ाकिर नाईक के वीडियो दिखाए गए थे। चार्जशीट में यह भी बताया गया है कि मुख्य आरोपित के मलेशिया से लिंक थे और पीड़िता को वहां भेजने की योजना बनाई जा रही थी। उन्होंने जांच एजेंसियों से यह पता लगाने को कहा कि यह मामला ज़ाकिर नाईक या उसके नेटवर्क से जुड़ा है या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि फरार आरोपी निदा खान को छिपाने के मामले में कुछ स्थानीय नेताओं के नाम सामने आए हैं। इस मामले में एमआईएम के कुछ नेताओं की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की है कि काम की जगह पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानून का ठीक से पालन न करने के लिए टीसीएस कंपनी की ज़िम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए और जरूरी कार्रवाई की जानी चाहिए।
निरूपम ने कहा कि टीसीएस मामले जैसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए, राज्य सरकार और पुलिस को जांच करनी चाहिए कि महाराष्ट्र में आईटी, फार्मा और दूसरी मल्टीनेशनल कंपनियों में महिला कर्मचारी सुरक्षित माहौल में काम कर रही हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी बड़ी कंपनियों में आवश्यक नियमों और सुरक्षा इंतज़ामों का रिव्यू किया जाना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

