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नासिक दुष्कर्म मामला : आरोपित के खिलाफ 2 नए मामले दर्ज, पिस्तौल का लाइसेंस भी रद्द

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मुंबई, 28 मार्च (हि.स.)। महाराष्ट्र के नासिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने 67 साल के आरोपित अशोक खरात के खिलाफ दो और मामले दर्ज किए हैं, जिनमें एक दुष्कर्म का और एक धोखाधड़ी का है। साथ ही आरोपित के पिस्तौल का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है।

इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने शनिवार को बताया कि नासिक जिले के सहकार वाड़ा पुलिस स्टेशन में बीती रात एक शादीशुदा महिला ने अशोक खरात के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया है। महिला का आरोप है कि खरात ने अगस्त से दिसंबर 2024 के बीच पांच महीने की अवधि में चार बार उसका यौन उत्पीडऩ किया। शिकायत के अनुसार महिला अपने पति के साथ कनाडा कॉर्नर स्थित खरात के दफ्तर गई थी।

खरात ने कथित तौर पर पति को अपने चैंबर के बाहर इंतजार करने को कहा। इसके बाद उसने महिला को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया और कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। इसी तरह बीती रात अहिल्यानगर जिले के नेवासा के एक कपड़ा व्यापारी, राजेंद्र नानासाहेब भागवत (39) ने खरात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया है।

भागवत ने खरात पर आरोप लगाया है कि उसने पिछले तीन सालों में उसके कारोबार को बेहतर बनाने के बहाने उससे 2.62 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। उसने पुलिस को बताया कि खरात ने उसे दो अंगूठियां दी थीं। एक में पीला पुखराज और दूसरी में हीरा जड़ा था और उसे वे अंगूठियां पहनने की सलाह दी थी। उसने यह भी दावा किया कि उसने खरात को तीन सोने की अंगूठियां तोहफे में दी थीं, जिनका कुल वजऩ 20 ग्राम से ज़्यादा था। हालांकि, खरात की गिरफ्तारी के बाद, भागवत ने उन चीज़ों की जांच करवाई और पाया कि रत्न नकली थे और अंगूठियां सोने की नहीं, बल्कि तांबे की बनी थीं।

नासिक जिला प्रशासन ने खरात के पिस्तौल का लाइसेंस रद्द कर दिया है और उन्हें एक 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है, जिसमें उनसे यह स्पष्टीकरण मांगा गया है कि उनका लाइसेंस रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए। जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने शनिवार को बताया कि यह नोटिस विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंप दिया गया है, जो इसे खरात तक पहुंचाएगा।

उल्लेखनीय है कि नासिक पुलिस ने दुष्कर्म की शिकायत आने पर अशोक खरात को १८ मार्च को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने अशोक खरात के फार्महाउस पर छापा मारा था। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक पिस्तौल और २१ जीवित और पांच इस्तेमाल किए गए कारतूस बरामद किए थे। इस मामले की जांच जारी है, लेकिन जिला प्रशासनने पिस्तौल का लाइसेंस रद्द कर दिया है। रिकॉड्र्स से पता चलता है कि खरात को पहली बार 2014 में पिस्तौल का लाइसेंस जारी किया गया था, जिसे 2024 में नवीनीकृत किया गया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव