मुंबई की लोकल ट्रेनों में ‘इलेक्ट्रॉनिक को-पायलट’ का नया प्रयोग
मुंबई, 10 मई (हि.स.)। मुंबई की लोकल ट्रेनों में मध्य रेलवे ने हाईटेक सुरक्षा तकनीक सिग्नल लोकेशन अनाउंसमेंट सिस्टम को अपग्रेड करने का बड़ा अभियान शुरू किया है। यह अत्याधुनिक जीपीएस आधारित प्रणाली अब मोटरमैन के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक को-पायलट की तरह काम करेगी, जो हर सिग्नल से 250 मीटर पहले आवाज देकर उसे सतर्क करेगी, ताकि किसी भी हालत में सिग्नल मिस न हो।
मुंबई रेलवे नेटवर्क में सिग्नलों के बीच की दूरी कई जगह 400 से 500 मीटर है। प्रतिदिन 2300 से ज्यादा लोकल ट्रेनों का संचालन होता है। ऐसे में छोटी सी चूक भी बड़े खतरे में बदल सकती है। इसी चुनौती को देखते हुए मध्य रेलवे ने सिग्नल लोकेशन अनाउंसमेंट सिस्टम को नई तकनीक से लैस किया है। अब जैसे ही ट्रेन किसी सिग्नल के करीब पहुंचेगी, सिस्टम 350 मीटर और फिर 250 मीटर से पहले सिग्नल नंबर और उसकी दिशा की स्पष्ट ऑडियो घोषणा करेगा। साथ ही यदि ट्रेन येलो सिग्नल पार करती है तो सिस्टम लगातार चेतावनी देगा कि सावधान… अगला सिग्नल रेड है। यह अलर्ट तब तक जारी रहेगा, जब तक अगला ग्रीन या डबल येलो सिग्नल नहीं आ जाता।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह फीचर मोटरमैन की एकाग्रता और प्रतिक्रिया क्षमता को कई गुना बेहतर बनाएगा। यह केवल चेतावनी देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ट्रेन संचालन का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार करेगा। इसमें हर रूट के सिग्नलों की ऑडियो रिकॉर्डिंग, जीपीएस लोकेशन और तकनीकी जानकारी पहले से फीड रहेगी। यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन मैनेजर संबंधित लाइन स्लो, फास्ट, अप या डाउन का चयन करेगा और उसी के अनुसार सिस्टम सक्रिय हो जाएगा। सिस्टम में अगला स्टेशन आने से पहले ऑडियो अनाउंसमेंट की सुविधा भी जोड़ी जा रही है। ट्रेन किसी स्टेशन पर पहुंचने से 500 और 250 मीटर पहले अगला स्टेशन की घोषणा करेगी। फिलहाल यह फीचर ट्रायल फेज में है। परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर इसे और उन्नत किया जाएगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

