नेपाल बाढ़ त्रासदीः महाराष्ट्र के 66 पर्यटक लापता
मुंबई, 29 अगस्त (हि.स.)। तिब्बत- नेपाल में आए भयानक जल प्रलय में महाराष्ट्र के 404 पर्यटक फंसे हुए हैं। इनमें 338 से संपर्क हो गया है और वे सुरक्षित हैं। लगभग 66 पर्यटकों से कोई संपर्क नहीं हो पाया और वे लापता हैं। इनमें 60 एक ग्रुप से नेपाल गए थे, जबकि 6 अन्य लोग हैं। यह जानकारी शनिवार को राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने दी।
नेपाल-तिब्बत इलाके में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ के बाद महाराष्ट्र के 404 लोगों में से 338 से संपर्क हुआ है और वे सुरक्षित हैं। इनमें से 106 लोगों को भारत लाया जा रहा है। मुंबई की एक ट्रेवल कंपनी रीचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए 60 लोग नेपाल की यात्रा पर गए थे। इस ग्रुप से अभी तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है। राज्य आपदा विभाग की ओर से शनिवार को जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार मुंबई की ट्रेवल कंपनी के जरिये नेपाल गए 60 पर्यटकों का अभी तक अता-पता नहीं चल सका है। विदेश मंत्रालय ने राज्य सरकार को 149 भारतीयों की एक सूची सौंपी है, जो चीन-तिब्बत इलाके में सुरक्षित हैं। ये सभी महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। सरकार ने पहचान और आगे के तालमेल के लिए सभी जिलाधिकारियों को सूची भेज दी है।
रिपोर्ट मे कहा गया है कि 6 अन्य लोगों के बारे में जानकारी एक ऑनलाइन लिंक के जरिए मिली। उनसे संपर्क नहीं हो सका है। राज्य सरकार विदेश मंत्रालय के लगातार संपर्क में है। लापता नागरिकों का पता लगाने की कोशिशें जारी हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल पर नेपाल में फंसे 106 यात्रियों को महाराष्ट्र सुरक्षित वापस लाया जा रहा है। नेपाल से पटना तक भक्तों की सुरक्षित यात्रा के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। उनकी सुरक्षित वापसी के लिए रेल यात्रा का प्रबंध किया गया है। शनिवार सुबह को सभी यात्री ट्रेन नंबर 17609 से पटना से नागपुर के लिए निकले हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

