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योजनाओं का लाभ ज़रूरतमंद लोंगो को मिले -रुबिका अग्रवाल आयुक्त कोंकण संभाग

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योजनाओं का लाभ ज़रूरतमंद लोंगो को मिले -रुबिका अग्रवाल आयुक्त कोंकण संभाग


मुंबई , 17 सितंबर (हि. स.) l प्रशासनिक प्रणाली को और ज़्यादा सवेंदनशील , कुशल और लोगों को ध्यान में रखकर बनना चाहिए और सरकारी योजनाओं का फ़ायदा समाज के आखिरी तबके तक आसानी से पहुंचाना चाहिए। सभी प्रशासनिक विभागों को मिलकर तालमेल बिठाना चाहिए और लगातार जनता की सेवा करनी चाहिए, यही हमारा सच्चा धर्म है, और सभी को ज़िम्मेदारी और लगातार कोशिशों से ज़रूरतमंद लोगों को मुख्य धारा में लाना चाहिए, यह बात कोंकण डिविजनल कमिश्नर रूबल अग्रवाल ने आज यहां कही।

‘सेवा संकल्प’ अभियान आज कोंकण डिविजनल कमिश्नर रूबल अग्रवाल की मौजूदगी में डिस्ट्रिक्ट कलेक्ट्रेट की पांचवीं मंज़िल पर कमिटी हॉल में बड़े जोश के साथ शुरू किया गया।

अपने उद्घाटन भाषण में संभागीय आयुक्त रूबल अग्रवाल ने प्रशासन की सकारात्मक छवि और कार्यसंस्कृति पर जोर दिया और स्पष्ट किया कि प्रशासन की असली ताकत लोगों की समस्याओं का तत्परता से समाधान करना है। नागरिकों को कार्यालयों की दहलीज नहीं पहननी चाहिए, बल्कि प्रशासन को स्वयं लोगों के दरवाजे तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे सेवा संकल्प अभियान के ज़रिए हर वर्ग, खासकर ज़रूरतमंदों और ज़रूरतमंदों तक स्कीम का कवरेज पहुंचाने के लिए मिशन मोड पर काम करें।

इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने जिले में चल रही गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत,पीएम विश्वकर्मा योजना, मुख्यमंत्री बलिराजा शेतपणंद रोड स्कीम, हेल्थ डिपार्टमेंट की अलग-अलग एक्टिविटीज़, 'श्री गणेश आरोग्य' पहल, मुख्यमंत्री मेडिकल एड सेल का डायनामिक कामकाज, महिला हेल्थ कैंप, एस आई आर एक्टिविटीज़ और नए वोटर रजिस्ट्रेशन जैसी सोशल वेलफेयर एक्टिविटीज़ जिले में असरदार तरीके से लागू की जा रही है l

प्रोग्राम में मौजूद लोगों ने अलग-अलग स्कीम्स का सीधा फायदा बांटा। संजय गांधी निराधार और श्रवणबल योजना के बेनिफिशियरी राहुल विलास शंबरकर, कावेरी कुंदन पाटेकर, प्रवीण तुकाराम घुले, हरनीत कौर परमजीत सिंह बागल और विजय गणपत पवार को मंजूरी के आदेश और आर्थिक मदद दी गई।

इस मौके पर ट्रेडिशनल कारीगरों को मजबूत बनाने के लिए जरूरी 'प्रधानमंत्री विश्वकर्मा सम्मान योजना' का एक प्रोग्राम भी ऑर्गनाइज किया गया। जिले में मिले 36 हजार 704 एप्लीकेशन में से 14 हजार 900 एलिजिबल हो चुके हैं, और सैकड़ों बेनिफिशियरी को बेसिक ट्रेनिंग, टूलकिट और वर्किंग कैपिटल बांटकर उनकी रोजी-रोटी को नई दिशा दी जा रही है। वहीं, भिवंडी तहसील के मौजे कुहे में खेत की सड़कों की एडमिनिस्ट्रेटिव मंज़ूरी के ऑर्डर, साथ ही 'चीफ मिनिस्टर बलिराजा शेत पणंद रोड स्कीम' के तहत जिले में 484 सड़कों की प्लानिंग, जिससे गांव के इलाकों में कम्युनिकेशन आसान होता है, आयुक्त ने किसान लाभार्थियों को सौंपे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा