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एनसीपी नेता लवांडे को पोती कालिख, सदावर्ते की गाड़ी पर फेंकी स्याही

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मुंबई, 09 मई (हि.स.)। महाराष्ट्र में स्याही फेंकने की दो घटनाओं को लेकर सियासत गरमा गई है। शनिवार को पुणे के आलंदी मातोबाची में कुछ वारकारियों ने एनसीपी (शरद पवार) के प्रवक्ता विकास लवांडे पर स्याही फेंकी। वहीं जालना शाहर में गुस्साए मनसे कार्यकर्ताओं ने वकील गुणरत्न सदावर्ते की कार को निशाना बनाया।

एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता विकास लवांडे को पुणे जिले की तहसील हवेली के आलंदी मातोबाची में वारकरियों ने घेर कर काली स्याही फेंकी। लवांडे ने आरोप लगाया कि वे प्रवचन देकर वापस लौट रहे थे। इसी बीच कीर्तनकार संग्राम भंडारे और उनके 10 से 15 गौरक्षकों ने उनकी कार रोकी, उन पर स्याही फेंकी और धक्का देने के बाद उन्हें पिस्तौल दिखाने का आराेप लगाया। वे अपने समर्थकों के साथ लोनी कालभोर पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस स्टेशन के बाहर धरने पर बैठ गए।

उन्होंने मांग की कि जब तक भंडारे और उनके साथियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता वे अनशन पर बैठे रहेंगे। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है। इधर भंडारे का कहना है कि विकास लवांडे ने उन लोगों का नाम खराब करने की कोशिश की जिन्हें हम अपना गुरुवर्य मानते हैं। इसीलिए उन पर स्याही फेंकी गई। भंडारे ने लवांडे के उन आरोपों को झूठा बताया, जिसमें उनके पास पिस्तौल होने का दावा किया गया था। उन्होंने कहा कि यदि उनके पास पिस्तौल होती, तो क्या वह स्याही फेंकते? लवांडे झूठे आरोप लगाकर गलत बातें फैला रहे हैं।

शनिवार को जालना शहर के दौरे पर पहुंचे गुणरत्न सदावर्ते की कार को विशाल कॉर्नर इलाके में मनसे कार्यकर्ताओं ने घेर लिया। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने उनकी कार पर स्याही और सुपारी फेंकी। घटना के समय उनकी पत्नी और दो बेटियां कार में थीं। बताया जाता है कि इस मामले में मनसे के जालना शहर के प्रमुख राहुल रत्नपारखे समेत कुछ पदाधिकारी शामिल हैं। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया।

पुलिस ने मनसे के पांच से छह कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। कुछ दिनों पहले सदावर्ते ने ऑटो रिक्शा चालकों के मराठी मुद्दे को लेकर राज ठाकरे की आलोचना की थी। उसके बाद मनसे कार्यकर्ता आक्रामक हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार