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ठाणे के शहापुर मे गर्भवती माँ व बच्चों हेतू राष्ट्रीय पोषण मेला

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ठाणे के शहापुर मे गर्भवती माँ व बच्चों हेतू राष्ट्रीय पोषण मेला


मुंबई , 17 सितंबर (हि. स.) I 9वें राष्ट्रीय पोषण 2026 के मौके पर, जो “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी ज़िम्मेदारी” प्रयोजन के तहत चलाया जा रहा है, 16 सितंबर 2026 को डोलखंब चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत बीट डोलखंब-1 में न्यूट्रिशन मेला लगाया गया। प्रोग्राम का उद्घाटन डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर, महिला और बाल कल्याण विभाग, ज़िला परिषद ठाणे, शोभा शेलार और बाल विकास परियोजना अधिकारी , डोलखंब दीपक सखरा के शुभ हाथों से हुआ।

इस मौके पर ग्राम पंचायत डोलखंब के सरपंच भाला, अन्नदा फाउंडेशन के प्रोजेक्ट मैनेजर पप्पू मिश्रा, डोलखंब प्रोजेक्ट की सुपरवाइजर सविता गोंधली, पड़वाल, आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर के साथ-साथ डोलखंब गांव की महिलाएं और गांववाले बड़ी संख्या में मौजूद थे।

इस मौके पर नेशनल न्यूट्रिशन मंथ के हिसाब से तय किए गए पांच खास टॉपिक पर आधारित कई एक्टिविटी की गईं। डाइट में अलग-अलग तरह के खाने और प्रोटीन की सही मात्रा के टॉपिक के तहत, प्रोटीन वाली न्यूट्रिशन प्लेट, अलग-अलग तरह की जंगली सब्जियां, और पौष्टिक और हेल्दी रेसिपी दिखाई और दिखाई गईं। पेरेंट्स को बताया गया कि कैसे बच्चे जंगली सब्जियों, अनाज और लोकल लेवल पर आसानी से मिलने वाली दूसरी खाने की चीजों का सही तरीके से इस्तेमाल करके ज़रूरी न्यूट्रिएंट्स और सही प्रोटीन पा सकते हैं।

न्यूट्रिशन मेले में ‘न्यूट्रिशन टावर’ बनाकर रोज़ाना की डाइट में अलग-अलग खाने की चीजों को बैलेंस्ड और सही मात्रा में शामिल करने की अहमियत बताई गई। ‘प्रोटीन वाला खाना कैंपेन’ के तहत, रोज़ाना की डाइट में प्रोटीन की अहमियत बताते हुए एक प्रोटीन वाली थाली दिखाई गई।

आंगनवाड़ी सेंटर पर मिलने वाले ताजे और गर्म पके हुए खाने का डेमोंस्ट्रेशन दिया गया। साथ ही, आंगनवाड़ी सेंटर से बांटे जाने वाले THR (टेक होम राशन) और आस-पास मिलने वाली कच्ची जंगली सब्जियों और अनाज से अलग-अलग पौष्टिक रेसिपी बनाने का डेमोंस्ट्रेशन भी दिखाया गया।

बच्चों के विकास, न्यूट्रिशन और शुरुआती स्टिम्युलेशन के लिए ‘नवचेतना’ और ‘आधारशिला’ प्रोग्राम के तहत मिलने वाली चीज़ों को दिखाया गया। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना समेत महिला और बाल कल्याण विभाग की अलग-अलग स्कीमों की जानकारी, प्रचार और पब्लिसिटी करके बेनिफिशियरी में जागरूकता पैदा की गई।

नेशनल न्यूट्रिशन मंथ के पांच खास टॉपिक पर आधारित ‘पोषण हांडी’ का खास डिस्प्ले किया गया। मौजूद बड़े लोगों और महिला गांववालों की भागीदारी में ‘पोषण आरती’ की गई। साथ हीगर्भवती मांओं के लिए परंपरागत OT की जगह, नए तरीके से ‘पोषण OT’ दिया गया, जिसमें अलग-अलग सब्जियां, फल, पत्तेदार सब्जियां, आयरन से भरपूर टैबलेट, दालें, गुड़, मूंगफली वगैरह शामिल थे। इस मौके पर ठाणे जिला परियोजना अधिकारी शोभा शेलार ने आंगनवाड़ी वर्कर्स और संबंधित एजेंसियों से अपील की कि वे महिला एवं बाल कल्याण विभाग की अलग-अलग स्कीमों को योग्य बेनिफिशियरी तक असरदार तरीके से पहुंचाने के लिए और ज़्यादा सेंसिटिव तरीके से काम करें। उन्होंने कम वज़न वाले और कम वज़न वाले बच्चों की सेहत और पोषण पर खास ध्यान देकर ज़रूरी कदम उठाने के लिए भी गाइड किया।

प्रोग्राम के बाद, शोभा शेलार और बाल विकास परियोजना अधिकारी दीपक साखरे ने डोलखंब नंबर-2 आंगनवाड़ी सेंटर का दौरा किया और प्रेग्नेंट मांओं, दूध पिलाने वाली मांओं और कम वज़न वाले बच्चों के माता-पिता से सीधे बातचीत की। उनकी समस्याओं को समझने के बाद ज़रूरी गाइडेंस दी गई। साथ ही, आंगनवाड़ी वर्कर्स को उनके रोज़ाना के काम में आने वाली दिक्कतों और परेशानियों पर भी बात की गई।

आंगनवाड़ी सेंटर कैंपस में मौजूद लोगों ने शेवगया का एक पौधा लगाया।पोषण सेहत ,हेतू , स्थानीय खाने की चीज़ों का सही इस्तेमाल और कम्युनिटी की एक्टिव हिस्सेदारी को एक साथ लाकर ऑर्गनाइज़ की गई न्यूट्रिशन मीट (पोषण आहार) ने लोकल लेवल पर “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी ज़िम्मेदारी” के कल्पना को और मज़बूती दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा