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फार्मा सेक्टर में इनोवेटिव रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए सुविधाओं वाला एक बड़ा सेंटर बनाया जाएगा : नरहरि जिरवाल

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मुंबई, 25 नवंबर (हि.स.)। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन मिनिस्टर नरहरि जिरवाल ने मंगलवार को मुंबई में कहा कि फार्मा सेक्टर में इनोवेटिव रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए सुविधाओं वाला एक बड़ा सेंटर बनाया जाएगा । हेल्थ साइंसेज के लिए बायोटेक्नोलॉजी ज़रूरी होती जा रही है और फार्मा सेक्टर में ऐसे इनोवेटिव रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए सुविधाओं वाला एक बड़ा सेंटर (लाइफ साइंसेज इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर) बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

मंत्रालय में मंगलवार को आयोजित बैठक में मिनिस्ट्री में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन मिनिस्टर नरहरि जिरवाल , फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के जॉइंट कमिश्नर (विजिलेंस) डॉ. राहुल खाड़े, जॉइंट कमिश्नर (ड्रग्स) दा रा गहाने, गिरीश हुकारे, वी. टी. जाधव और सीनियर अधिकारी मौजूद थे। बैठक को संबोधित करते हुए फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन मिनिस्टर नरहरि जिरवाल ने कहा कि देश में गुजरात, आंध्र प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में रिसर्च सेंटर बनाए जा रहे हैं और दवाओं से जुड़ी बायोलॉजिकल और केमिकल रिसर्च के लिए फॉर्मूलेशन लैब भी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के ज़रिए बनाई जा रही हैं। इस सेंटर का मुख्य मकसद फार्मास्यूटिकल, बायोटेक, मेडिकल डिवाइस, डायग्नोस्टिक्स और डिजिटल हेल्थ सेक्टर में इनोवेटिव स्टार्टअप्स को मॉडर्न सुविधाएं, टेक्निकल गाइडेंस और फंड देना होगा। इससे राज्य में फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा, स्टार्टअप्स को गाइडेंस और ट्रेनिंग की सुविधाएं मिलेंगी। मीटिंग में फूड सेफ्टी, क्वालिटी कंट्रोल और विजिलेंस ब्रांच के अधिकारी शामिल हुए। यह इनोवेशन इनक्यूबेशन सेंटर राज्य को हेल्थ, फार्मास्यूटिकल और बायोटेक सेक्टर में इनोवेशन का ग्लोबल हब बनने में बहुत मदद करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव