मानसूनी बीमारियों को लेकर मुंबई मनपा सतर्क
मुंबई, 28 मई (हि.स.)। मानसून से पहले मुंबई महानगरपालिका प्रशासन जलजनीत बीमारियों को लेकर सतर्क हो गया है। डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों के खतरे को देखते हुए मुंबई मनपा ने मच्छर नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है। पिछले पांच महीने में 32 लाख 51 हजार 623 घरों की जांच की गई है, जबकि 30 लाख 17 हजार 220 घरों के आसपास कीटनाशकों का छिड़काव और फॉगिंग की गई है।
मनपा की विशेष कार्रवाई के दौरान डेंगू फैलाने वाले एडीज एजिप्टी मच्छरों के लार्वा 37 हजार 800 स्थानों पर पाए गए, जबकि मलेरिया के वाहक एनोफिलीस स्टीफेन्सी मच्छरों के लार्वा 4 हजार 529 स्थानों पर मिले। विभागीय टीमों ने इन सभी स्थानों को तत्काल नष्ट कर दिया। शहर में चल रहे करीब चार हजार पुनर्विकास परियोजनाओं में सुरक्षा अधिकारियों को मच्छर नियंत्रण उपायों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा 540 पुराने टायर और 1 लाख 16 हजार 251 कबाड़ वस्तुओं को हटाया गए हैं। ,
मानसून के दौरान जलभराव और जमा पानी के कारण मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है। शहर के सभी 26 प्रशासनिक वार्डों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 22 हजार 80 क्षेत्रीय निरीक्षण किए जा चुके हैं। निरीक्षण के दौरान इमारतों की पानी की टंकियों, झोपड़पट्टियों में रखे पानी के ड्रम, प्लास्टिक और तिरपाल में जमा पानी, पुराने टायर, गमलों के नीचे रखी प्लेटें, नारियल के खोल, फेंकी गई पानी की बोतलें और अन्य कबाड़ सामग्री की जांच की गई। मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े स्वयं विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर अभियान की समीक्षा कर रही हैं। उन्होंने बताया कि कीटनाशक विभाग के एक हजार से अधिक कर्मचारी और अधिकारी लगातार काम कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

