सदावर्ते से भिड़े मनसे कार्यकर्ता
मुंबई, 23 अप्रैल (हि.स.)। महाराष्ट्र में टैक्सी-ऑटो रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य किए जाने के फैसले से मामला गरमाता जा रहा है। गुरुवार को इस मुद्दे पर माहौल तब गरमा गया जब वकील गुणरत्न सदावर्ते और मनसे कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से जमकर नारेबाजी हुई।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के फैसले का विरोध करने के लिए सदावर्ते गुरुवार को मीरा-भाईंदर में ऑटो रिक्शा चालकों से मिलने पहुंचे थे। सदावर्ते ने कहा कि यदि ऑटो चालकों के साथ मारपीट या अन्याय हुआ, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मनसे प्रमुख राज ठाकरे की भी आलोचना की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। मनसे के कार्यकर्ता इंद्रलोक रोड पर स्व. प्रफुल्ल पाटील चौक के पास पहुंच गए और सदावर्ते का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते वहां सदावर्ते समर्थक ऑटो रिक्शा चालक और मनसे कार्यकर्ता आमने सामने आ गए। तनाव बढ़ता देख पुलिस बल तैनात कर दिया गया. इस बीच मनसे कार्यकर्ता सदावर्ते की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। एक दूसरे खिलाफ नारेबाजी कर रहे दोनों पक्षों के लोगों को हिरासत में लिया गया और हालात को नियंत्रित किया गया। सदावर्ते को तुरंत वहां से हटाया गया।
परिवहन विभाग के निर्देशानुसार 1 मई से राज्य में टैक्सी व ऑटो चालकों के लिए मराठी बोलना अनिवार्य किया गया है। उप-क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों को साफ आदेश दिया गया है कि जो चालक मराठी नहीं बोलते व समझते, उनके लाइसेंस रद्द किए जाएं. इस फैसले के बाद विवाद गरमाता जा रहा है। चालकों के बीच डर और असमंजस का माहौल है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

