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महाराष्ट्र में पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत समानांतर आरक्षण

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मुंबई, 29 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट की बैठक में राज्य के निवासी पूर्व अग्निवीरों को वर्दीधारी समूह-सी सेवाओं में 10 प्रतिशत समानांतर आरक्षण देने की नीति को मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज पत्रकारों को बताया कि राज्य में पूर्व अग्निवीरों को विभिन्न वर्दीधारी सेवाओं में शामिल करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय सचिवीय समिति ने अपनी सिफारिशें दी थीं। इन्हीं सिफारिशों के आधार पर नीति को मंत्रिमंडल की मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरक्षण के तहत नागरिक सुरक्षा निदेशालय, होमगार्ड, राज्य खुफिया विभाग, आबकारी विभाग, वन विभाग और नगर विकास विभाग के तहत विभिन्न समूह-सी पद शामिल होंगे। इनमें अग्निशामक, बचावकर्ता, पुलिस कांस्टेबल, नाविक, जवान और वनरक्षक जैसे पद शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व अग्निवीरों को इन पदों की भर्ती परीक्षा में लिखित परीक्षा से पूरी तरह छूट दी जाएगी। साथ ही आयु सीमा, शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी), शारीरिक मानक परीक्षा (पीएसटी), वरिष्ठता, पदोन्नति, प्रशिक्षण, अनुभव और कौशल से संबंधित प्रावधानों के लिए अलग से विस्तृत शासन निर्णय जारी किया जाएगा। आरक्षण के दौरान मौजूदा सामाजिक आरक्षण व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी। आवश्यकता होने पर 10 प्रतिशत की सीमा में बदलाव का अधिकार उच्चस्तरीय सचिवीय समिति को दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में थलसेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना शुरू की थी। इसके तहत युवाओं को चार वर्ष के लिए सशस्त्र सेनाओं में भर्ती किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें अनुशासन, नेतृत्व, तकनीकी कौशल, आपदा प्रबंधन, सुरक्षा और संगठनात्मक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जाता है। चार वर्ष की सेवा के बाद प्रदर्शन और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल किया जाता है। इसी के तहत आज महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट की बैठक में यह अहम फैसला लिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव