नागरिकों की जान से खेलने वाली घटिया सड़कें कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी: स्नेहा दुबे पंडित
-मनपा आयुक्त ने दिए कंस्ट्रक्शन कंपनी से खर्च वसूली के आदेश
मुंबई, 26 अगस्त, (हि. स.)। वसई के नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े 'वसंत नगरी से वसई पूर्व-पश्चिम को जोड़ने वाले पुल' के पूर्वी हिस्से की मुख्य सड़क की बदहाली का मामला गरमा गया है। सड़क की दयनीय स्थिति को लेकर विधायक स्नेहा दुबे पंडित द्वारा आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के बाद, वसई-विरार शहर महानगरपालिका के आयुक्त ने चर्चा के लिए एक विशेष बैठक बुलाई। यह बैठक मंगलवार को मनपा आयुक्तालय में संपन्न हुई, जिसमें प्रशासन ने विधायक की मांगों पर त्वरित और कड़े कदम उठाने का लिखित आश्वासन दिया।
बैठक के दौरान विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन के सामने सात प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी किए बिना तुरंत सड़क मरम्मत के आदेश दिए जाएं। टेंडर प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए केवल गिट्टी-डामर डालकर गड्ढे भरने के बजाय मास्टिक/डामरीकरण से गुणवत्तापूर्ण मरम्मत हो। उन्होंने मांग की कि डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के दौरान खराब हुई सड़क की मरम्मत का खर्च पुराने ठेकेदार से 'रिस्क एंड कॉस्ट' सिद्धांत पर वसूला जाए और पूरे काम की आईआईटी मुंबई से तकनीकी जांच कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने लापरवाह अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई करने, ठेकेदार को कम से कम पांच साल के लिए ब्लैकलिस्ट करने और सार्वजनिक धन के नुकसान के मामले में ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की पुरजोर मांग की।
विधायक की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए महानगरपालिका आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. ने लिखित पत्र सौंपकर की गई कार्रवाई की जानकारी दी। इसमें उन्होंने बताया कि संबंधित कनिष्ठ अभियंता और उप-अभियंताओं को सड़क का तुरंत प्रत्यक्ष निरीक्षण कर विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट देने के निर्देश जारी किए गए हैं। मानसून को देखते हुए आवश्यक स्थानों पर तुरंत मास्टिक पद्धति से गड्ढे भरने का काम प्राथमिकता पर शुरू किया जाएगा। सड़क निर्माण का काम मेसर्स जैन कंस्ट्रक्शन (मुंबई) को दिया गया था। बार-बार नोटिस के बाद भी मरम्मत न करने पर अब यह काम 'रिस्क एंड कॉस्ट' सिद्धांत के तहत दूसरे ठेकेदार से कराया जाएगा और पूरा खर्च जैन कंस्ट्रक्शन से वसूला जाएगा। लापरवाही के लिए जैन कंस्ट्रक्शन कंपनी को एक वर्ष के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। आगे की सख्त कार्रवाई के साथ-साथ दोष सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। सड़क की गुणवत्ता की जांच और दीर्घकालिक उपायों के लिए आईआईटी मुंबई की रिपोर्ट के आधार पर कदम उठाए जाएंगे। स्थायी समाधान के रूप में सड़क के दोनों ओर आरसीसी दीवार बनाने या पिचिंग करने का बजट तैयार कर प्रस्ताव आम सभा में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। गणेशोत्सव से पहले शहर की अन्य मुख्य सड़कों की भी तकनीकी रूप से सही मरम्मत करने की योजना बनाई गई है।
बैठक के बाद अपनी भूमिका स्पष्ट करते हुए विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने कहा कि सड़क सिर्फ डामर की नहीं होती, वह हजारों नागरिकों के सुरक्षित सफर का रास्ता होती है। इसलिए घटिया काम करने वालों पर कार्रवाई होने तक यह प्रयास लगातार जारी रहेगा। इस बैठक के दौरान महानगरपालिका अधिकारियों के साथ भाजपा संगठन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / कुमार

