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मिड-डे मील में अनियमितता, जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित

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मुंबई, 26 मई (हि.स.)। महाराष्ट्र के स्कूलों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मिड-डे मील में अनियमितता की शिकायतें मिली हैं। आरोप है कि इस योजना में हरी मटर की जगह सादी मटर दी जा रही है। इन शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है और जांच रिपोर्ट दो महीने में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

स्कूली शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में यह कमेटी बनाई गई है। स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने इस संबंध में बजट सत्र में जांच का भरोसा दिया था। आरोप लगे थे कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत राज्य के स्कूलों में छात्रों को मिड-डे मील में हरी मटर की जगह सादी मटर दी जा रही है। जब सदन में इस पर चर्चा चल रही थी, तो मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई थी। स्कूली शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में चार सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई है। कमेटी में शिक्षा निदेशक (सेकेंडरी), शिक्षा आयुक्त कार्यालय के संयुक्त/उप निदेशक और स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव को शामिल किया गया है।

यह कमेटी उन जिलों का निरीक्षण करेगी जहां शिकायतें मिली थीं और जरूरत पड़ने पर दूसरे जिलों में भी निरीक्षण करेगी। कमेटी जिलेवार आपूर्तिकरों का निरीक्षण करेगी, ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के दौरान जमा किए गए नमूनों की जांच की जाएगी। इसके अलावा जांच की जाएगी कि हरी मटर की जगह सादी मटर सप्लाई करने वाले सप्लायरों को पेमेंट किया गया है या नहीं। जांच के बाद, कमेटी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को सिफारिशें सौंपेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार