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महाराष्ट्र विधानसभा में फडणवीस ने अजीत पवार को दी श्रद्धांजलि

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मुंबई, 23 फरवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को श्रद्धांजलि देते हुए शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। फडणवीस ने भावुक स्वर में कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उन्हें सदन में ऐसा प्रस्ताव पेश करना पड़ेगा।

फडणवीस ने कहा कि अजीत दादा राज्य के बजट की तैयारी में लगे हुए थे, लेकिन 28 जनवरी को एक दुखद प्लेन क्रैश में उनका निधन हो गया। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रस्ताव पेश करना एक संवैधानिक जिम्मेदारी है, लेकिन मेरे लिए यह बहुत भावुक कर देने वाला पल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय को अक्सर मरहम लगाने वाला कहा जाता है, लेकिन कुछ क्षतियां ऐसी होती हैं जिनका दर्द कभी कम नहीं होता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अजीत पवार बिना किसी हिचकिचाहट के स्पष्ट और पक्के फैसले लेने के लिए जाने जाते थे। वे हर कार्य में अनुशासन और व्यवस्था को सर्वोपरि मानते थे। उनकी दिनचर्या का उल्लेख करते हुए फडणवीस ने बताया कि वे सुबह 6 बजे से ही अपना काम शुरू कर देते थे और हर फैसले पर गहन योजना एवं समीक्षा करते थे।

फडणवीस ने कहा कि उनकी एक दशक से ज्यादा समय तक गहरी दोस्ती रही। 2014 के बाद उनका रिश्ता और मजबूत और भावनात्मक हो गया था। उन्होंने पवार को पूरे दिल से प्यार करने वाला लीडर बताते हुए कहा कि अब वे सभी पल सिर्फ यादों के तौर पर रह गए हैं।

27 जनवरी की अपनी आखिरी मुलाकात को याद करते हुए फडणवीस ने कहा कि अजीत दादा ने हमेशा की तरह एक समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की थी। बैठक के बाद उन्होंने उनसे लगभग 30 से 40 मिनट तक बातचीत की थी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उस समय हमें जरा सा भी आभास नहीं था कि यह हमारी अंतिम मुलाकात होगी। फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में अजीत दादा के जाने से जो खालीपन आया है, उसे कोई नहीं भर सकता।

इस शोक प्रस्ताव पर शिवसेना यूबीटी के नेता भास्कर जाधव, कांग्रेस नेता विजय बडेट्टीवार, मंत्री छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ, अदिति तटकरे , राकांपा एसपी के नेता जयंत पाटिल, रोहित पवार आदि विधायकों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को श्रद्धांजलि दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव