यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड पर 15 नवंबर तक सुझाव दे सकेंगे नागरिक
मुंबई, 15 अक्टूबर (हि.स.)। यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड कमेटी ने गुरुवार को राज्य के नागरिकों से 15 नवंबर, 2026 तक प्रस्तावित संहिता पर अपने सुझाव और फ़ीडबैक देने की अपील की है। नागरिक वेब पोर्टल, ई-मेल या डाक के माध्यम से अपनी राय कमेटी तक पहुँचा सकते हैं।
मुख्यमंत्री सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि नागरिकों की राय और सुझाव प्राप्त करने के लिए एक विशेष वेब पोर्टल तैयार किया गया है। कमेटी की अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना देसाई ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पोर्टल का शुभारंभ किया। कमेटी यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड के संवैधानिक, कानूनी, सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन करेगी। इस दौरान राज्य में विभिन्न धर्मों, परंपराओं, सामाजिक संरचनाओं और सांस्कृतिक विशेषताओं के साथ महिलाओं के अधिकारों, लैंगिक समानता और सभी नागरिकों के लिए समान न्याय जैसे मुद्दों पर निष्पक्ष रूप से विचार किया जाएगा। इसके अलावा, कमेटी अन्य राज्यों में यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड से संबंधित कानूनों, नियमों, क्रियान्वयन की प्रक्रिया, अनुभवों और चुनौतियों का भी अध्ययन करेगी। विवाह, तलाक, विरासत, उत्तराधिकार और अन्य व्यक्तिगत कानूनों की समीक्षा कर सरकार को आवश्यक सुझाव दिए जाएंगे। कमेटी संहिता लागू करने के संभावित सामाजिक, आर्थिक, प्रशासनिक और कानूनी प्रभावों का आकलन भी करेगी। इसके आधार पर आवश्यक कानूनी, प्रशासनिक और संस्थागत उपायों की सिफारिश की जाएगी। इस प्रक्रिया में विभिन्न धार्मिक समुदायों के प्रतिनिधियों, कानूनी विशेषज्ञों, राजनीतिक और सामाजिक संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों, महिला संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, विषय विशेषज्ञों और आम नागरिकों की राय ली जाएगी। साथ ही विभिन्न मुद्दों पर जनपरामर्श और सार्वजनिक सुनवाई भी आयोजित की जाएंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

