जेन-जी सबसे अधिक जानकारी रखने वाली पीढ़ी, पाखंड पसंद नहीं : तुकाराम मुंढे
मुंबई, 18 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि जेन-जी पीढ़ी अब तक की सबसे अधिक जानकारी रखने वाली पीढ़ियों में से एक है। इस पीढ़ी के बारे में समाज में कई गलत धारणाएं और भ्रांतियां हैं, जबकि इसकी सोच और कार्यशैली को समझने की जरूरत है।
मुंढे रविवार को सातारा जिले के कराड में कराड नगर परिषद की ओर से आयोजित एक शारदीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जेन-जी को लेकर समाज में, खासकर माता-पिता और पुरानी पीढ़ी के बीच, कई तरह की धारणाएं बनी हुई हैं। इस पीढ़ी के पक्ष और विपक्ष में अलग-अलग राय व्यक्त की जाती हैं, लेकिन जेन-जी को लेकर उनका नजरिया अलग है।
उन्होंने कहा कि पहले जानकारी हासिल करने के लिए किताबें और पुस्तकालय खोजने पड़ते थे। शिक्षकों से संपर्क करना, किताबें पढ़ना, उनमें से जरूरी जानकारी जुटाना और फिर उसका अध्ययन कर उसे समझना पड़ता था। इस पूरी प्रक्रिया में कई महीने या साल लग जाते थे। अब तकनीक की मदद से जानकारी हासिल करने में महज तीन से पांच सेकंड लगते हैं।
मुंढे ने कहा कि जेन-जी को पाखंड पसंद नहीं है। यदि कोई व्यक्ति कुछ कहता है और उसके काम उस बात से मेल नहीं खाते, तो इस पीढ़ी को सच्चाई जानने में ज्यादा समय नहीं लगता। मोबाइल के जरिए किसी भी दावे की जांच की जा सकती है। उनके अनुसार, जेन-जी में सही को सही और गलत को गलत कहने का साहस है।
तुकाराम मुंढे ने यह भी कहा कि जेन-जी को जल्द परिणाम चाहिए। बार-बार आश्वासन देने, लेकिन नतीजे नहीं दिखाने से इस पीढ़ी का भरोसा नहीं जीता जा सकता। मुंढे ने जेन-जी की एक और विशेषता का उल्लेख करते हुए कहा कि उसे ऊंच-नीच का भेदभाव पसंद नहीं है और यह सच्चे लोकतंत्र की निशानी है।
कार्यक्रम के दौरान मुंढे ने महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि चव्हाण ने महाराष्ट्र के विकास की जो नींव रखी थी, उसी आधार पर आज राज्य आगे बढ़ रहा है।----------
हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

