भाजपा विधायक ने छात्रों को एमपीएससी आंदोलन से दूर रहने की सलाह दी
मुंबई, 23 सितंबर (हि.स.)। भाजपा विधायक विक्रम पाचपुते ने बुधवार को महाराष्ट्र में छात्रों को महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन (एमपीएससी) के आंदोलन से दूर रहने का सुझाव दिया है। पाचपुते ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से चल रहा एमपीएससी विद्यार्थियों का आंदोलन अब विद्यार्थियों के हाथ में नहीं रहा है। इसे राजनीतिक मोड़ दिए जाने से कई विद्यार्थियों का नुकसान होने की आशंका है।
भाजपा विधायक विक्रम पाचपुते बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद को संबोधित कर रहे थे। पाचपुते ने कहा कि आंदोलनकारियों की अधिकांश मांगें मान ली गई हैं लेकिन अब कुछ गलत और असंवैधानिक मांगें की जा रही हैं। एमपीएससी के अध्यक्ष को हटाने का अधिकार केवल राष्ट्रपति के पास होने का स्पष्ट उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 317 में है। इसके बावजूद ऐसी मांग क्यों की जा रही है, यह सवाल उठता है।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में रखी गई 12 मांगों में से 11 पर मुख्यमंत्री चर्चा के लिए तैयार हैं। केवल 12वीं मांग पूरी नहीं हो सकती क्योंकि वह असंवैधानिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब विद्यार्थियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अवसर मिलना चाहिए। उनके भविष्य को प्राथमिकता देने के बजाय राजनीतिक स्वार्थ साधना उचित नहीं है।
पाचपुते ने कहा कि विद्यार्थियों की मांगों और समस्याओं के समाधान के लिए सरकार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। वी. राधा की अध्यक्षता में 4 सितंबर को गठित समिति का दौरा भी शुरू हो चुका है। समितियां विभिन्न स्थानों पर विद्यार्थियों से कई घंटे चर्चा कर रही हैं। अब तक करीब 1100 विद्यार्थियों या उनके प्रतिनिधिमंडलों से प्रत्यक्ष बातचीत की जा चुकी है। ऐसे में आंदोलनकारियों को अपनी शंकाएं और आपत्तियां समिति के समक्ष रखनी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

