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स्किन डोनेशन के लिए जन जागरण जरुरी : नेशनल बन्र्स सेंटर

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मुंबई, 24 अप्रैल (हि.स.)। द नेशनल बन्र्स सेंटर (एनसीबी) ने मुंबई में बताया कि देश भर में स्किन डोनेशन की भारी कमी को देखते हुए लोगों में स्किन डोनेशन के लिए जन जागरण जरुरी है। इसके लिए लोगों को आगे आना जरुरी है।

नेशनल बन्र्स सेंटर के डायरेक्टर और प्लास्टिक सर्जन डॉ. सुनील केसवानी ने आज पत्रकारों को बताया कि स्किन डोनेशन और मरीज़ों की आवश्यकताओं की पूर्ति में भारी अंतर है। मुंबई में स्किन बैंकों को हर साल आवश्यकता के उलट महज़ 25 फीसदी स्किन डोनेशन ही हासिल हो पाती है। आम तौर पर १0 में से 1 व्यक्ति को ही स्किन डोनेशन अथवा स्किन डोनेशन की उचित प्रक्रिया की जानकारी होती है। जागरुकता की इसी कमी के चलते हर साल आग से झुलस जाने वाले मरीज़ों में से न्यूनतम मरीज़ों को ही स्किन ट्रांसप्लांट का लाभ हासिल हो पाता है। यह एक बेहद गंभीर मसला है।

डॉ. केसवानी ने कहा कि हम हर साल लगभग 300 जागरुकता अभियानों का आयोजन करते आ रहे हैं ताकि बड़ी संख्या में लोग स्किन डोनेट करने के लिए प्रेरित हो सकें। हमें इस बात की पूरी उम्मीद है कि जागरुकता से जुड़े हमारे इन प्रयासों के चलते स्किन डोनेशन से संबंधी इस कमी को पूरा किया जा सकेगा और इसके बारे में लोगों की समझ में भी ख़ासा इज़ाफ़ा देखने को मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि आग में झुलस जाने वाले लगभग 70 फीसदी मरीज़ों की उम्र 15 से 35 साल के बीच होती है। स्किन ट्रांसप्लांटेशन के अभाव के चलते मरीज़ों व उनके परिजनों पर परिणाम देखने को मिलते हैं। उचित समय पर की जाने वाले स्किन ग्राफि़्टंग और सही चिकित्सा के चलते आग में झुलस जाने वाले मरीज़ों को कई तरह की जटिलताओं से बचाया जा सकता है और उचित तरीके से उनका पुनर्वास भी संभव होता है। स्किन डोनेशन का फ़ैसला किसी शख्स की मौत के 6 घंटे के भीतर किया जाना चाहिए। स्किन डोनेट करने के लिए दाता का स्थानीय स्किन बैंक के तहत पंजीकृत होना भी आवश्यक होता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव