नासिक दुष्कर्म मामला: राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष को एसआईटी का समन
मुंबई, 29 मार्च (हि.स.)। नासिक दुष्कर्म मामले की जांच कर रहे स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने रविवार को महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्षा रुपाली चाकणकर को समन जारी कर जांच के लिए उपस्थित रहने का आदेश दिया है। इस मामले की जांच महिला आईपीएस अधिकारी तेजस्वी सातपुते के नेतृत्व में जारी है।
इस मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने आज बताया कि रुपाली चाकणकर इस मामले के आरोपित अशोक खरात के शिवानिका ट्रस्ट की पदाधिकारी हैं। अशोक खरात पर सैकड़ों महिलाओं के साथ दुष्कर्म किए जाने और लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। अब तक अशोक खरात के विरुद्ध कुल ११ मामले दर्ज किए गए हैं, इनमें ९ मामले महिलाओं के साथ दुष्कर्म करने और दो मामले धोखाधड़ी के हैं। इन सभी मामलों की गहन छानबीन एसआईटी कर रही है। एसआईटी ने शिवानिका ट्रस्ट के वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों को जांच के लिए बुलाया हैं। साथ ही ट्रस्ट के कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि शिवानिका ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक खरात को महिलाओं के साथ दुष्कर्म मामले में १८ मार्च को गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है। इसके बाद इस मामले में रुपाली चाकणकर का भी नाम विपक्ष ने उछाला था। जिससे रुपाली चाकणकर ने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि इस मामले की छानबीन की जा रही है। पुलिस रुपाली चाकणकर से भी पूछताछ कर रही है और आवश्यक कदम उठाएगी।
जबकि राकांपा एपी गुट की प्रवक्ता रुपाली ठोंबरे और शिवसेना यूबीटी की प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने इस मामले में रुपाली चाकणकर को भी सह आरोपित बनाए जाने की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

