शिरडी को तीर्थ स्थल के रुप में विकसित किया जाएगा: मुख्यमंत्री फडणवीस
मुंबई, 25 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि शिरडी को एक बड़े तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने के लिए सरकार प्राथमिकता से काम कर रही है। विकास कार्य पूरे होने के बाद शिरडी महाराष्ट्र के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक ऊर्जा केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि विकास योजना के तहत ऑडिटोरियम, सडक़ निर्माण, बाढ़ सुरक्षा और सौर ऊर्जा सहित विभिन्न कार्य शुरू किए गए हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आज शिरडी में अखंड हरिनाम सप्ताह के कीर्तन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित रहे थे। सदगुरु योगीराज गंगागिरी महाराज द्वारा शुरू की गई अखंड हरिनाम सप्ताह की परंपरा का उल्लेख करते हुए फडणवीस ने कहा कि शिरडी की यह भूमि समाज को विचार और प्रेरणा देने वाली है। हरिनाम संकीर्तन दुखों को दूर करने, अहंकार मिटाने और जाति-पाति के भेदभाव को भूलकर समाज को एकजुट करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हरिनाम संकीर्तन समाज को एक साथ लाने और जीवन को सकारात्मक दिशा देने का प्रभावी माध्यम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति और सभ्यता हजारों वर्षों से चली आ रही है। अनेक चुनौतियों और आक्रमणों के बावजूद सनातन विचार, मूल्य और परंपराएं कायम हैं। वारकरी परंपरा, गुरु परंपरा और हरिनाम की शक्ति ने इस सांस्कृतिक विरासत को मजबूत बनाए रखा है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, जल संसाधन मंत्री एवं पालकमंत्री डॉ. राधाकृष्ण विखे पाटिल, पूर्व मंत्री बालासाहेब थोरात, सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे, विधायक वि_ल लांघे, अमोल खटाल, आशुतोष काले, विवेक कोल्हे, वैजापुर विधायक रमेश बोरनारे, महंत रामगिरी महाराज सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

