home page

नाना पाटेकर का निधन व्यक्तिगत क्षति, उनका सपना पूरा करना मेरा कर्तव्य : एकनाथ शिंदे

 | 

मुंबई, 08 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नाना पाटेकर के निधन को अपने लिए व्यक्तिगत क्षति बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शिंदे ने कहा कि थिएटर और सिनेमा में अभिनय की ऊंची बुलंदियों को छूने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के आकस्मिक निधन से फिल्म जगत, महाराष्ट्र और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है।

शिंदे ने गुरुवार को अपने शोक संदेश में कहा कि नाना पाटेकर संवाद अदायगी से लेकर अभिनय की हर बारीकी तक अपनी अलग शैली के लिए जाने जाते थे। वे अभिनय की जीती-जागती पाठशाला थे। फिल्म 'नटसम्राट' में उनके संवाद आज भी दर्शकों के कानों में गूंजते हैं। पर्दे पर प्रभावशाली और तेवरदार नजर आने वाले नाना वास्तविक जीवन में बेहद सरल और जमीन से जुड़े इंसान थे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की बुलंद और वाकपटु आवाज खामोश हो गई है। मैंने एक सच्चा और दिल से जुड़ा दोस्त खो दिया है। यह क्षति कभी पूरी नहीं हो सकती। उन्हाेंने बताया कि पुणे में अनंत चतुर्दशी के दिन नाना पाटेकर से उनके घर पर हुई आखिरी मुलाकात की यादें हमेशा उनके साथ रहेंगे।

नाना पाटेकर के रूप में संवेदनशील और सशक्त कलाकार खोया : सचिन अहीर

विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहीर ने कहा कि नाना पाटेकर के निधन से कला जगत ने एक संवेदनशील और सशक्त कलाकार खो दिया है। चार दशकों से अधिक समय तक उन्होंने अपने दमदार और प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज किया।

अहीर ने कहा कि नाना पाटेकर सिर्फ पर्दे के अभिनेता नहीं थे, बल्कि समाज की तकलीफों से सीधे जुड़ा संवेदनशील व्यक्तित्व भी थे। 'नटसम्राट', 'परिंदा', 'क्रांतिवीर' और 'अपहरण' जैसी फिल्मों में उनके निभाए किरदारों ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि नाना की दमदार आवाज, संवाद अदायगी की अनोखी शैली और उनकी आंखों की अभिव्यक्ति मराठी और हिंदी सिनेमा के दर्शकों की स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेगी। उनके निधन से सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है।

हमने एक लेजेंडरी अभिनेता खो दिया : आशीष शेलार

सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मराठी और हिंदी सिनेमा में अपनी विशिष्ट अभिनय शैली से अमिट छाप छोडऩे वाले नाना पाटेकर का जाना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि नाना ने थिएटर, फिल्मों और सामाजिक कार्यों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने अनेक भूमिकाओं को अपने दमदार अभिनय से जीवंत किया। उनके निधन से भारतीय फिल्म उद्योग ने एक संवेदनशील, प्रतिभाशाली, जुनूनी और सच्चा कलाकार खो दिया है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव