शरद पवार ने मुख्यमंत्री फडणवीस को सूखा प्रभावित किसानों के मदद के लिए लिखा पत्र
मुंबई, 27 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर सूखा प्रभावित किसानों, खेतिहर मजदूरों और ग्रामीण नागरिकों के लिए तत्काल राहत की मांग की है। पवार ने सरकार के सामने कुल 17 मांगें रखी हैं और उन्हें जल्द लागू करने का आग्रह किया है।
शरद पवार ने आज पत्रकारों को बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में किसानों और ग्रामीण आबादी को तत्काल आर्थिक सहायता, पानी, बिजली और रोजगार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत है। उन्होंने सूखे की स्थिति पर चर्चा और आवश्यक फैसले लेने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा का तीन दिन का विशेष सत्र बुलाने की मांग भी की है।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में शरद पवार ने राज्य के सूखा प्रभावित और वंचित तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की मांग की है। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की कर्जमाफी की कटऑफ तारीख के बाद खेती और कृषि संबंधी गतिविधियों के लिए सहकारी बैंकों, राष्ट्रीयकृत बैंकों, सहकारी शहरी बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं से लिए गए कृषि ऋण को माफ किए जाने और सामाजिक न्याय, अल्पसंख्यक और आदिवासी विभागों के तहत लिए गए व्यक्तिगत ऋण, बागवानी से जुड़े ऋण तथा महिला स्वयं सहायता समूहों के ऋण को भी इसमें शामिल किए जाने की भी मांग की है। किसानों के कृषि पंपों के बिजली बिल माफ किए जाने, सूखा प्रभावित क्षेत्रों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक फीस के साथ छात्रावास और मेस शुल्क भी माफ किए जाने, रोजगार गारंटी योजना के मौजूदा नियमों में आवश्यक ढील देकर मांग वाले क्षेत्रों में तीन किलोमीटर के दायरे में तत्काल रोजगार के काम शुरू किए जाने की मांग की है।
साथ ही तहसीलदारों को पेयजल और पशुओं के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए टैंकर मंजूर करने के अधिकार दिए जाएं और जरूरत वाले क्षेत्रों में तत्काल टैंकर शुरू किए जाने, सूखा प्रभावित गांवों में किसानों के कृषि पंपों की बिजली आपूर्ति न काटने, खेती पर निर्भर किसानों और खेतिहर मजदूर परिवारों को प्रति परिवार 25 किलोग्राम अनाज मुफ्त दिए जाने, सूखे से प्रभावित किसानों और खेतिहर मजदूरों के पशुओं के लिए आवश्यक सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा किए जाने की मांग की है।
इसके साथ जल संरक्षण के काम तत्काल शुरू करने के लिए मौजूदा नियमों में ढील दिए जाने और इनके लिए विशेष निधि उपलब्ध कराए जाने, किसानों को प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये और खेतिहर मजदूरों को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खातों में दिए जाने, सूखे के कारण बागवानी, केले, गन्ने और धान की फसलों को हुए नुकसान के लिए किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है। साथ ही जिन किसानों ने बड़े पैमाने पर बागवानी की है, उनकी फसलों को बचाने के लिए टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने के आदेश जारी किए जाने, किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं के तहत लंबित राशि और सब्सिडी का भुगतान तत्काल किए जाने, सूखा राहत के लिए आवश्यक पूरी निधि तत्काल विभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को उपलब्ध कराई जाने की भी मांग की है।
सूखे की स्थिति पर विस्तृत चर्चा और आवश्यक उपायों पर निर्णय के लिए महाराष्ट्र विधानसभा का तीन दिन का विशेष सत्र बुलाए जाने, सत्र में लिए गए फैसलों को तत्काल लागू करने और दशहरा तथा दिवाली से पहले प्रभावित किसानों एवं खेतिहर मजदूरों के बैंक खातों में आवश्यक आर्थिक सहायता जमा किए जाने की मांग की है। पवार ने मुख्यमंत्री से इन मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने और सूखा प्रभावित किसानों, खेतिहर मजदूरों तथा ग्रामीण नागरिकों को राहत पहुंचाने का आग्रह किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

