राज्य के सभी स्कूलों में 18 से 31 अक्टूबर तक चलेगा विशेष सफाई अभियान
मुंबई, 16 अक्टूबर (हि.स.)। राज्य सरकार ने शुक्रवार को 18 से 31 अक्टूबर तक राज्य के सभी स्कूलों में ‘चलो स्कूल चलें... विशेष स्कूल सफाई अभियान’ चलाने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत स्कूल प्रबंधन समितियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, पूर्व विद्यार्थियों, ग्रामीणों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी से स्कूल परिसरों की सफाई, सौंदर्यीकरण और रखरखाव किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्कूलों में स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।
इस संदर्भ में शुक्रवार को स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से 16 अक्टूबर को शासनादेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य स्कूल परिसरों को स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और खुशनुमा बनाने के साथ विद्यार्थियों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, श्रम के प्रति सम्मान, सामाजिक जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित करना है। यह पहल समग्र शिक्षा योजना के तहत स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और पढ़ाई के अनुकूल माहौल तैयार करने के प्रयासों को भी गति देगी। इस अभियान का पहला चरण 18 से 24 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान प्रत्येक स्कूल में स्कूल प्रबंधन समिति की विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में शिक्षकों, अभिभावकों, ग्रामीणों और पूर्व विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ स्कूल परिसर की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। कक्षाओं, कार्यालय, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष, शौचालय, पेयजल व्यवस्था और खेल मैदान का निरीक्षण कर सफाई, मरम्मत और सौंदर्यीकरण के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। दूसरे चरण में 25 से 31 अक्टूबर तक सफाई और रखरखाव से जुड़े कार्य किए जाएंगे। इसके तहत कक्षाओं और अन्य कमरों के फर्श, दीवारों, दरवाजों, खिड़कियों, छतों और पंखों की गहन सफाई की जाएगी। शौचालयों, हाथ धोने की जगहों, पेयजल टंकियों और जलापूर्ति व्यवस्था को भी साफ किया जाएगा। स्कूल परिसर, खेल मैदान और प्रवेश द्वार से कचरा तथा अनुपयोगी सामान हटाकर कचरे का उचित पृथक्करण किया जाएगा। मच्छरों और कीटों से बचाव के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की रोकथाम के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अभियान के दौरान बिजली व्यवस्था, जलापूर्ति, शौचालयों, फर्नीचर, दरवाजों और खिड़कियों का निरीक्षण कर जरूरी छोटी-मोटी मरम्मत और रखरखाव के कार्य किए जाएंगे। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली के खतरनाक कनेक्शनों, टूटे फर्नीचर और असुरक्षित स्थानों को तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। अनुपयोगी और बेकार सामग्री का भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निपटारा किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान के तहत गहन सफाई, छोटे-मोटे रखरखाव, मरम्मत और अन्य स्वीकृत कार्यों पर होने वाला खर्च समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत स्कूलों को उपलब्ध कराई गई समेकित अनुदान राशि से किया जाएगा। विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार का अनिवार्य आर्थिक योगदान या फंड नहीं लिया जाएगा।
‘मेरा स्कूल-मेरी जिम्मेदारी’ की भावना के साथ स्कूल प्रबंधन समितियों, शिक्षकों, अभिभावकों, पूर्व विद्यार्थी संगठनों, ग्रामीणों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और उपलब्धता के अनुसार कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) से जुड़े संस्थानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान को स्कूल स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल के प्राचार्य की होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

