व्यावहारिक मराठी न आने पर रिक्शा-टैक्सी चालकों पर कार्रवाई जारी रहेगी : परिवहन मंत्री
-मराठी सीखने के लिए १५ अगस्त तक का समय
मुंबई, 28 अप्रैल (हि.स.)। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने मंगलवार को साफ कहा कि व्यावहारिक मराठी न आने पर रिक्शा-टैक्सी चालकों पर कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि रिक्शा-टैक्सी चालकों १५ अगस्त तक मराठी सीखने का समय दिया गया है। आरटीओ ऑफिस में इसकी व्यवस्था की जाएगी।
प्रताप सरनाइक ने आज पत्रकारों को बताया कि अगर आप यात्रियों की मराठी नहीं समझते या बोल नहीं सकते, तो आपको महाराष्ट्र में बिजऩेस करने का कोई अधिकार नहीं है। लेकिन रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को 15 अगस्त मराठी सीखने का समय दिया गया है। सरनाईक ने यह भी कहा कि मीरा भायंदर में 562 ऑटो रिक्शा ड्राइवरों को गलत तरीके से लाइसेंस दिए जाने की जानकारी मिली है, उनके खिलाफ़ नोटिस जारी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मराठी अनिवार्य के लिए 2019 में जो सर्कुलर जारी किया गया था, वही 2020 में भी जारी किया गया था। राज्य में मराठी बोलना ज़रूरी है। हमने इस बारे में राज्य के सभी ट्रांसपोर्ट ऑफिस को निर्देश दिए हैं। हम अपना अभियान जारी रखना चाहते हैं। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के 20 नियमों को तोडऩे पर एक्शन लिया जाएगा। यह कैंपेन 1 मई से 15 अगस्त तक चलाया जाएगा। इस दौरान हम डायरेक्ट एक्शन नहीं लेंगे, लेकिन यह कैंपेन चलता रहेगा। इस 100 दिन के कैंपेन में सभी रिक्शा और टैक्सी ड्राइवर मराठी बोलेंगे। अगर कोई 100 दिन में मराठी अच्छे से नहीं सीख पाया, तो हम देखेंगे। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में ऐसा प्रोविजन है।
सरनाइक ने कहा कि कोई कितना भी आंदोलन करे, अगर महाराष्ट्र में बिजनेस करना है तो मराठी सीखनी ही पड़ेगी। हम सिखाने को तैयार हैं । जो लोग मराठी भाषा की इज्ज़त करते हैं, मराठी सीखना चाहते हैं, उन्हें हर हाल में सिखाया जाएगा। लेकिन जो लोग कानून नहीं मानेंगे, उनके खिलाफ हमारे नियमों के हिसाब से सख्त एक्शन लिया जाएगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

