महाराष्ट्र में आरटीओ में जबरन वसूली गिरोह की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी: मुख्यमंत्री
मुंबई, 07 जुलाई (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) विभाग में कथित तौर पर चल रहे जबरन वसूली गिरोह की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी। परिवहन मंत्री ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की भी घोषणा की और इसके कुछ देर बाद त्रिसदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है।
मुंबई में चल रहे विधानमंडल के वर्षाकालीन अधिवेशन के दौरान विधानसभा सदस्य विजय बडेट्टीवार ने आज विधानसभा में कहा कि आरटीओ विभाग में खासकर विदर्भ क्षेत्र में व्यवस्थित रूप से एक जबरन वसूली रैकेट चल रहा है। प्रश्नकाल के दौरान, वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि कई वरिष्ठ अधिकारी 15 वर्षों से अधिक समय से विदर्भ में तैनात थे, जिससे अवैध वसूली और अनियमितताओं का एक नेटवर्क पनपा, जिसमें चोरी की गाडिय़ों का पंजीकरण भी शामिल था। कांग्रेस नेता ने इस कथित रैकेट के संबंध में कई अधिकारियों के नाम लिए, जिनमें सेवानिवृत्त बजरंग खरमाटे, अकोला के रवींद्र भुयार, निलंबित मोटर वाहन निरीक्षक राजू नागरे और अधिकारी आनंद मोहोड व योगेश खेसनार शामिल हैं।
वडेट्टीवार ने ईमानदार अधिकारियों को परेशान करने के चिंताजनक चलन का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जो लोग अवैध वसूली नेटवर्क के साथ सहयोग करने से इनकार करते हैं, उन्हें निजी ट्रांसपोर्टरों की मनगढ़ंत शिकायतों के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा रचे गए सुनियोजित जाल में फंसाकर निशाना बनाया जाता है। इसके अलावा, उन्होंने कर चोरी के कारण राज्य के खजाने को होने वाले भारी नुकसान की ओर भी ध्यान दिलाया, क्योंकि स्थानीय करों से बचने के लिए महंगी आयातित गाडिय़ों का पंजीकरण अक्सर दूसरे राज्यों में कराया जाता है।
इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस और परिवहन मंत्री ने तत्काल और समयबद्ध जांच की घोषणा की। परिवहन मंत्री ने विधानसभा को आश्वासन दिया है कि जांच पूरी तरह से विस्तृत होगी और इसमें नामजद सभी अधिकारी शामिल होंगे। साथ ही दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ उनके पद की परवाह किए बिना सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राजस्व के नुकसान को रोकने के लिए राज्य ने गाड़ी पंजीकरण के नियमों को सख्त करने की नीति में बदलाव की भी घोषणा की। भविष्य में अधिकारी कर चोरी को रोकने और राज्य के राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऋण दस्तावेजों, निवास प्रमाण और जीएसटी अनुपालन की कड़ी सत्यापन प्रक्रिया लागू करेंगे।
परिवहन विभाग के अधिकारी ने बताया, इन आरोपों की व्यापक जांच के लिए आईपीएस अधिकारी प्रियंका नानावारे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। पैनल को एक महीने के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

