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ई-चालान व्यवस्था के खिलाफ नहीं, जुर्माना लगाने की प्रक्रिया की हो समीक्षा : राज ठाकरे

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ई-चालान व्यवस्था के खिलाफ नहीं, जुर्माना लगाने की प्रक्रिया की हो समीक्षा : राज ठाकरे


- मनसे प्रमुख ने यातायात समस्या के समाधान के लिए बेहतर शहरी नियोजन पर दिया जोर

मुंबई, 26 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार को राज्य में इलेक्ट्रॉनिक ट्रैफिक चालान (ई-चालान) प्रणाली लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ई-चालान व्यवस्था के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जुर्माना लगाने की प्रक्रिया की समीक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि यातायात की समस्या केवल जुर्माने से हल नहीं होगी। इसके लिए बढ़ते वाहनों के दबाव, अनियोजित शहरी विकास और परिवहन व्यवस्था की खामियों को दूर करना होगा।

राज ठाकरे सोमवार को नवी मुंबई के वाशी में परिवहन कर्मचारियों की एक सभा को संबोधित कर रहे थे। सभा के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा पोस्ट में उन्होंने कहा कि यातायात का बढ़ता दबाव और नियोजन की कमी पुलिस के साथ आम नागरिकों के लिए भी परेशानी का कारण बन रही है। ऐसे में नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के साथ सड़क उपयोगकर्ताओं की समस्याओं पर भी ध्यान देना आवश्यक है।

राज ठाकरे ने यातायात नियमों के पालन पर जोर देते हुए अपने वाहन चालकों का उदाहरण दिया। ठाकरे ने बताया कि पुलिस सुरक्षा उपलब्ध होने के बावजूद उन्होंने अपने सभी ड्राइवरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि कितनी भी जल्दी क्यों न हो, ट्रैफिक सिग्नल का उल्लंघन नहीं किया जाए। हालांकि, उन्होंने कहा कि वाहनों के बढ़ते पंजीकरण और आबादी के दबाव की अनदेखी कर यातायात प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी पुलिस पर नहीं डाली जा सकती।

मनसे प्रमुख ने फ्लाईओवर और पुलों के निर्माण की योजनाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आसपास की सड़कों की क्षमता और वाहनों की आवाजाही का आकलन किए बिना बुनियादी ढांचा परियोजनाएं तैयार करने से यातायात जाम का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। इसके लिए प्रतिदिन सड़कों पर आने वाले नए वाहनों और विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती आबादी को ध्यान में रखकर योजनाएं बनानी होंगी।

राज ठाकरे ने मुंबई की उपनगरीय लोकल ट्रेन सेवाओं पर निर्भरता का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि यदि किसी दिन लोकल ट्रेनें बंद हो जाएं और यात्रियों को निजी वाहनों से सफर करना पड़े, तो शहर की सड़कें इतना दबाव कैसे संभालेंगी? उन्होंने कहा कि यह स्थिति भविष्य की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखकर ठोस योजना बनाने की आवश्यकता को दर्शाती है।

उन्होंने सरकार और प्रशासन से यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। साथ ही चेतावनी दी कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण आने वाले वर्षों में महाराष्ट्र के शहरों में यातायात जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है।------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव