रिक्शा-टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए एक वर्ष का समय देना चाहिए: संजय निरुपम
मुंबई, 27 अप्रैल (हि.स.)। शिवसेना शिंदे समूह के प्रवक्ता और पूर्व सांसद संजय निरुपम ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र में रिक्शा-टैक्सी चालकों को मराठी भाषा सीखने के लिए छह माह से लेकर एक वर्ष तक का समय दिया जाना चाहिए।
निरुपम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों को मराठी भाषा आना चाहिए। यह किसी भी राज्य के गौरव की बात है। हम यहां रहकर रोजी रोटी अर्जित कर रहे हैं, तो हमें राज्य के गौरव का भी ध्यान रखना जरुरी है। संजय निरुपम ने कहा कि नई भाषा सीखने में लोगों को वक्त लगता है। सीखने की क्षमता सभी की एक जैसी नहीं रहती है इसलिए रिक्शा-टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए कम से कम छह माह से लेकर एक वर्ष का समय दिया जाना चाहिए, जिससे वे मराठी सीख सकें।
संजय निरुपम ने कहा कि राज्य सरकार ने एक मई से राज्य में मराठी न आने पर रिक्शा-टैक्सी चालकों का परमिट रद्द करने का निर्णय लिया है। इस पर भी विचार किया जाना जरुरी है। इसका कारण बहुत से रिक्शा-टैक्सी चालकों ने बैंक से कर्ज लिया है। अगर सरकार ने सिर्फ मराठी न आने पर परमिट और लाइसेंस रद्द कर दिया तो बैंक कर्ज कहां से भरा जाएगा।
वहीं इस मुद्दे पर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि वे समय देने के लिए तैयार हैं, जो कल विभाग से चर्चा कर घोषित करेंगे। उन्होंने कहा कि रिक्शा- टैक्सी चालकों को यात्रियों के साथ अच्छे से पेश आना जरुरी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

