मरीजों के परिजनों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
मुंबई, 23 अगस्त (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को राज्यभर के बड़े अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न धर्मार्थ संस्थाओं और मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार बड़े अस्पतालों में प्रतिदिन हजारों मरीज उपचार के लिए आते हैं। उपचार का बढ़ता खर्च, रहने और भोजन की व्यवस्था तथा उचित मार्गदर्शन के अभाव में उनके परिजनों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित संस्थाओं को एक मंच पर लाकर सुव्यवस्थित और पारदर्शी सहायता व्यवस्था विकसित करने का निर्णय लिया गया है। प्रस्तावित समझौतों के माध्यम से धर्मार्थ अस्पतालों और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता मरीजों के परिजनों तक सीधे और समय पर पहुंचाई जाएगी।
धर्मादाय आयुक्त के नियंत्रण वाले अस्पतालों में गरीब और जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क अथवा रियायती दरों पर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। इस व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए इसे मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष की मौजूदा प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इस पहल के तहत अस्पताल परिसरों और आसपास मरीजों के परिजनों के लिए आश्रय, कम दर पर अथवा नि:शुल्क भोजन और चिकित्सा संबंधी मार्गदर्शन जैसी सुविधाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने के दौरान आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों को कम करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल एवं सुलभ बनाने पर जोर दिया जाएगा।
सरकार के अनुसार, धर्मार्थ संस्थाओं के योगदान और सरकारी तंत्र की कार्यक्षमता को एक साथ लाकर राज्य में स्वास्थ्य सहायता का एक आदर्श मॉडल विकसित किया जाएगा। धर्मार्थ न्यासों के सहयोग से विभिन्न त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन किए जाएंगे, ताकि इन सुविधाओं का प्रत्यक्ष लाभ जरूरतमंद मरीजों और उनके परिवारों तक पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित धर्मार्थ संस्थाओं और संगठनों से इस पहल में सहभागी बनने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष और संबंधित सेवाओं की विस्तृत जानकारी सीएमआरएफ की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

