साइबर धोखाधड़ी और ऑनलाइन गेमिंग रैकेट के 12 आरोपित गोवा से गिरफ्तार
मुंबई, 06 अगस्त (हि.स.)। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन गेमिंग के जरिए लोगों से ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गोवा से 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पहले से दर्ज एक साइबर ठगी के मामले की जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर की गई। इस मामले की छानबीन क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है।
इस मामले की छानबीन करने वाले पुलिस अधिकारी ने आज बताया कि क्राइम ब्रांच पुलिस को पायधुनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले से पता चला कि मुंबई में फर्जी बैंक खाते खुलवाकर उनका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन गेमिंग के जरिए अवैध वित्तीय लेन-देन के लिए किया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि पूरे नेटवर्क का संचालन गोवा से हो रहा था। इसके बाद अपराध प्रकटीकरण शाखा (यूनिट-2) की एक विशेष टीम को गोवा भेजा गया। मुंबई पुलिस की टीम ने गोवा के कैंडोलिम स्थित केस डे निकोलो विला पर छापेमारी कर पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान 19 लैपटॉप, 128 एटीएम कार्ड, 57 मोबाइल फोन, 76 सिम कार्ड, 22 चेकबुक, 77 पासबुक, 4 राउटर, 3 कीबोर्ड और 2 मॉनिटर सहित बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हार्दिक किशोरभाई वढेरा (40),इलियास जान मोहम्मद मेमन (38), राज अल्पेशभाई वला (20), रुद्र महेंद्रभाई मछोयर (20), निकुंज कालाभाई पटेल (38), योगेश प्रफुल्लभाई सोलंकी (28), रामभाई जगाभाई मुंद्रा (31), विशाल प्रकाशभाई बोराचिया (26),भाविनकुमार अरविंदभाई डांगरिया (35),केतन चंद्रभाई रोडाणी (34), हितेन मुकेशभाई सोलंकी (23) और युवराज भरतसिंह राणा (27) के रुप में की गई है। अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपित 100 पैनल और इंड्रा जैसी वेबसाइटों के माध्यम से फर्जी यूजर अकाउंट संचालित करते थे। इन अकाउंट्स के जरिए ऑनलाइन गेमिंग और साइबर ठगी से प्राप्त रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी। इसके बाद धनराशि नकद निकाली जाती या अन्य खातों में भेज दी जाती थी। आरोपितों को इस कार्य के बदले लगभग तीन प्रतिशत कमीशन मिलता था, जबकि गिरोह का मुख्य संचालन दुबई से किया जा रहा था। पुलिस द्वारा जब्त किए गए बैंक खातों के विश्लेषण में पता चला कि देशभर में साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज साइबर ठगी की 58 शिकायतें इन खातों से जुड़ी हुई हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, वित्तीय लेन-देन और इसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

