राकांपा (एपी) को जल्द वापस मिलेगा वित्त एवं नियोजन विभाग : छगन भुजबल
- मुख्यमंत्री फडणवीस ने राकांपा नेताओं को दिया आश्वासन- भुजबल ने राकांपा के दोनों गुटों के विलय की अटकलों को किया खारिज
मुंबई, 25 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के वरिष्ठ मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के नेता छगन भुजबल ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी को जल्द ही वित्त एवं नियोजन विभाग वापस मिल जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राकांपा नेताओं के साथ हुई बैठक में आश्वासन दिया है कि वित्त विभाग पर उनकी पार्टी का अधिकार है और यह विभाग जल्द ही उसे सौंप दिया जाएगा।
छगन भुजबल ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि सुबह राकांपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के सरकारी आवास देवगिरी बंगले पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इसके बाद राकांपा नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और विभिन्न मुद्दों पर करीब एक घंटे तक चर्चा की। इस दौरान वित्त एवं नियोजन विभाग को लेकर भी बातचीत हुई। भुजबल के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पार्टी को वित्त विभाग वापस देने का भरोसा दिलाया है।
राकांपा के प्रवक्ता एवं मंत्री अनिल पाटिल ने कहा कि महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और राकांपा की महायुति सरकार के गठन के समय वित्त विभाग राकांपा के पास रखने पर सहमति बनी थी। हालांकि, पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वित्त विभाग अपने पास रख लिया था। इससे महायुति के तीनों घटक दलों के बीच बनी सहमति प्रभावित हुई है।
अनिल पाटिल ने बताया कि इसी मुद्दे पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पहले आपस में विचार-विमर्श किया और इसके बाद मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने विश्वास जताया कि वित्त विभाग जल्द ही राकांपा को वापस मिल जाएगा।
इस बीच, रविवार को राकांपा नेताओं की बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। इनमें राकांपा (अजित पवार गुट) और राकांपा (शरद पवार गुट) के संभावित विलय की चर्चा भी शामिल थी। हालांकि, छगन भुजबल ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
भुजबल ने स्पष्ट किया कि दोनों दलों के विलय की कोई संभावना नहीं है और न ही इस संबंध में किसी स्तर पर बातचीत चल रही है। उन्होंने विलय संबंधी खबरों को मीडिया की कपोलकल्पित अटकलें बताते हुए कहा कि वास्तविकता में दोनों दलों के बीच इस तरह की कोई चर्चा नहीं हो रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

