नासिक दुष्कर्म मामला: नकली सांप और बाघ की मदद से भक्तों को प्रभावित करता था आरोपित खरात
मुंबई, 23 मार्च (हि.स.)। महाराष्ट्र के नासिक दुष्कर्म मामले का मुख्य आरोपित अशोक खरात नकली सांप और बाघ की मदद से भक्तों को प्रभावित करने और उनसे हिप्नोसिस और अघोरी रस्मों के नाम पर पैसे ऐंठने, महिलाओं के साथ दुष्कर्म करने की सनसनीखेज जानकारी जांच में सामने आई है।
इस मामले की छानबीन कर रहे अधिकारी ने सोमवार को बताया कि नासिक दुष्कर्म मामले का आरोपित अशोक खरात ने हिप्नोसिस और अघोरी रस्मों के नाम पर भक्तों से पैसे ऐंठने और महिलाओं के साथ दुष्कर्म करने का पैटर्न बनाया था। वह बाज़ार में सस्ते में मिलने वाले जंगली चिंचोक को चमकाकर उन्हें भगवान का महंगे पत्थर बताकर भक्तों की आर्थिक हालत के हिसाब से 100 रुपये की चीज़ों को 10,000 रुपये से 1 लाख रुपये में बेचता था। खरात के खिलाफ इस बारे में कई शिकायतें मिली हैं, जिससे अंधविश्वास की आड़ में उसके चलाए जा रहे बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है।
अशोक खरात भक्तों को धोखा देने के लिए अलग-अलग तरकीबें अपनाता था। वह भक्तों को वश में करने के लिए 20 फुट के सांप वाली इस तरकीब का इस्तेमाल कर रहा था। यह तरकीब हर शाम मिरगांव में उसके श्री शिवनिका संस्थान में की जाती थी। जब अंधेरा होने लगता, तो वह भक्तों को एक जगह बुलाता। उस जगह पर वह तंत्र मंत्र करता और 20 फुट के सांप को अपने पास बुलाता। सांप भी उसके सामने सरपट दौड़ता और अपनी पूंछ ऊपर करके खड़ा हो जाता। इस सांप को देखकर वहां मौजूद भक्तों की बोलती बंद हो जाती थी। खरात जैसा कहता, सांप वैसा ही चलता। फिर खरात के कहने पर सांप चला जाता।
यह सब होने के बाद खरात वहां मौजूद लोगों को दिखाता कि उसने सांप को काबू कर लिया है। उसका यह कमाल देखकर कई लोग हैरान रह जाते थे। उसके इस काम से कई लोग प्रभावित होते थे। वह जैसा कहता, लोग वैसा ही करते। बाद में वे भी इसका शिकार हो जाते थे। हालांकि, असल में यह पूरा काम कुछ और ही था। यह सांप नकली था। उसने कागज के गूदे से यह सांप बनाया था। इसमें उसने ड्रोन सिस्टम लगाया था। इसका रिमोट कंट्रोल वह अपने पास रखता था। रिमोट की मदद से वह नकली सांप को अपने कहने पर हिलाता था। इसी तरह अशोक खरात नकली कागज के बाघ से लोगों को प्रभावित करता था।
इस मामले की छानबीन के बाद एक नाबालिग लडक़ी ने खरात के विरुद्ध दुष्कर्म की शिकायत दी है। इस लडक़ी ने पुलिस को बताया कि खरात ने मुझे केबिन में बुलाया। जैसे ही मैं पहुंची, उसने मुझसे केबिन की कुंडी बंद करने को कहा। उसके बाद, उन्होंने मुझे तांबे के बर्तन में पीने के लिए पानी दिया। उस पानी का स्वाद बहुत नमकीन और कड़वा था। पानी पीने के बाद, मुझे उल्टी जैसा महसूस होने लगा। मैंने पानी पीने से इनकार कर दिया।
हालांकि, खरात ने मुझसे कहा कि जितना अधिक पानी पीओगी, उतना ही अधिक फल पाओगी। फिर उन्होंने मेरे सिर पर पानी से भरा गिलास रखा और मुझे खड़े होने को कहा। उन्होंने मुझसे गायत्री मंत्र का जाप करने को भी कहा। हालाँकि, जब वह ऐसा कह रहे थे, तब मेरा सिर भारी होने लगा। उसी समय, खरात ने उस कमरे की लाइट बंद कर दी। उस समय, उन्होंने मेरे कान में कुछ फुसफुसाया, 'मैं कृष्ण का अवतार हूँ, तुम मेरी राधा हो' और मेरे साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पूछताछ के दौरान अशोक खरात ने इन आरोपों को स्वीकार किया है। इस मामले की गहन छानबीन नासिक पुलिस के साथ एसआईटी कर रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

