नासिक दुष्कर्म मामले में आरोपित के खिलाफ पक्के सबूत मिले: आईपीएस तेजस्विनी सातपुते
मुंबई, 07 अप्रैल (हि.स.)। नासिक मामले की जांच कर रही आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी सातपुते ने मंगलवार को बताया कि इस मामले में आरोपित के खिलाफ पक्के सबूत मिले हैं। पीडि़तों की प्राईवेसी को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया पर से 4650 लिंक हटा दिए गए हैं। मामले की गहन छानबीन जारी है।
तेजस्वी सातपुते ने आज नासिक में पत्रकारों को बताया कि उनके नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल कुल 12 मामलों की जांच कर रही है। इनमें से ८ महिलाओं के साथ दुष्कर्म के और तीन मामले धोखाधड़ी और जालसाजी के हैं। एसआईटी ने इस मामले में कुल 30 गवाहों से पूछताछ की है। खरात पीडि़त महिलाओं और उनकी आस्था का फायदा उठा रहा था। वह दिव्य शक्तियों का दिखावा कर रहा था। वह अंधविश्वास फैला रहा था। वह पत्थर, हुक वगैरह का इस्तेमाल करके पैसे कमा रहा था। वह महिलाओं को उनके परिवार की मौत का डर दिखाकर और बदनाम करने की धमकी देकर उनका सेक्शुअल शोषण कर रहा था। सातपुते ने साफ किया कि जांच में यह भी पता चला है कि वह ईशान्येश्वर मंदिर के आसपास अंधेरे में दिव्य शक्तियों का दिखावा करके अंधविश्वास फैला रहा था।
इन मामलों में पीडि़त महिलाएं और उनके परिवार बहादुरी से आगे आए हैं। पीडि़त महिलाओं ने लोगों की बातों पर ध्यान न देते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पीडि़त महिलाओं की पहचान गोपनीय रखना ज़रूरी है। महिलाओं की हिम्मत बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए।
इस मामले में 60 दिनों के अंदर चार्जशीट फाइल करनी है। पहले जुर्म में अब 40 दिन बचे हैं, दूसरे जुर्मों की डेडलाइन पास है। पक्के सबूत इक_ा करके जांच चल रही है। शिकायत करने वाले और गवाह जो कहते हैं, उसके हिसाब से जांच की जाती है। अगर जुर्मों के बैकग्राउंड में किसी ने मदद की है, तो कार्रवाई की जाएगी। हमारी जांच अभी भी चल रही है। इस केस में चार्जशीट फाइल होने तक कॉन्फिडेंशियलिटी बनाए रखी जाएगी ।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

