नासिक में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, बड़ी संंख्या में लोगों को सुरक्षित निकाला गया
मुंबई, 24 जुलाई, (हि.स.)। नासिक जिले और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इससे नासिक के गंगापुर बांध का जलस्तर ९७ फीसदी तक बढ़ गया है। फलस्वरुप जिला प्रशासन ने गंगापुर बांध से गोदावरी नदी में पानी छोडऩा शुरु किया है। इससे गोदावरी नदी उफान पर आ गई और शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीम ने गणेशवाड़ी और मिलिंदनगर क्षेत्र से करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
नासिक जिले के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने आज बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और कहा कि प्रशासन बाढ़ पीडि़त इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थल पर पहुंचाने का काम कर रहा है। आयुष प्रसाद ने यह भी कहा कि गंगापुर बांध से पानी छोड़े जाने की जानकारी गोदावरी नदी के आस पास निचले इलाकों में बसे लोगों को दी गई थी इसलिए यहां कोई जनहानि नहीं हुई है।
हालांकि नासिक जिले की विधायक देवयानी फरांडे ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में आधी रात के समय गंगापुर बांध से अतिरिक्त पानी न छोड़ा जाए। उन्होंने मंडलायुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम से अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है।
नासिक नगर निगम के आपदा प्रबंधन विभाग को अब तक 74 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें 51 स्थानों पर पेड़ और टहनियां गिरने की घटनाएं शामिल हैं। कई जगह पेड़ गिरने से सडक़ें अवरुद्ध हो गईं और कुछ वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। प्रशासन ने तत्काल पेड़ हटाकर यातायात बहाल करने का अभियान शुरू किया।
हालांकि लगातार बारिश से शहर की कई प्रमुख सडक़ों पर जलभराव हो गया, जिससे वाहन फंस गए और कई स्थानों पर लंबा ट्रैफिक जाम लगा। इंदिरानगर, पाथर्डी, सिडको समेत कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया। बारिश के कारण स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति भी काफी कम रही और कई औद्योगिक इकाइयों का कामकाज प्रभावित हुआ।
पुराने नासिक के काजीगढ़ी क्षेत्र में चार मकान ढह गए, जबकि पंचवटी स्थित कालाराम मंदिर के पास एक पुरानी हवेली का हिस्सा भी गिर गया। समय रहते लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लेने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
नासिक नगर निगम की महापौर हिमगौरी अडके ने गोदावरी किनारे रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने और नदी के किनारे भीड़ न लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बाढ़ देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण पुलिस तैनात करनी पड़ी। मेयर ने बताया कि नगर निगम का आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सक्रिय है और शिकायत मिलने के 15 मिनट के भीतर कार्रवाई की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

