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नागपुर स्थित बीएसएल एनर्जी फैक्ट्री में विस्फोट लापरवाही का नतीजा : चंद्रशेखर बावनकुले

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नागपुर स्थित बीएसएल एनर्जी फैक्ट्री में विस्फोट लापरवाही का नतीजा : चंद्रशेखर बावनकुले


मुंबई, 02 मार्च। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को नागपुर में बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बीएसएल एनर्जी लिमिटेड में हुआ भीषण धमाका लापरवाही का परिणाम था। रविवार को हुए इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 अन्य घायल हो गए थे।

राजस्व मंत्री सह नागपुर के संरक्षक मंत्री बावनकुले ने घटना के बाद आज नागपुर में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें राज्य मंत्री आशीष जायसवाल, रामटेक के सांसद श्यामकुमार बरवे, कटोल के विधायक शरद सिंह ठाकुर, डिविजनल कमिश्नर, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में बावनकुले ने बताया कि जिले की कटोल तहसील के राउलगांव स्थित फैक्ट्री में खनन और औद्योगिक विस्फोटक बनाए जाते हैं और वहां हुए विस्फोट में 19 लोगों की जान गई और 23 घायल हुए, जिनमें से 13 की हालत गंभीर है।

उन्होंने कहा कि कलमेश्वर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत कंपनी के 21 निदेशकों और शेयरधारकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें से नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे की जांच जारी है।

राजस्व मंत्री ने बताया कि कंपनी मृतकों के परिजनों को 75 लाख रुपये तथा घायलों को 25 लाख रुपये का मुआवज़ा देगी। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। इस प्रकार प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल 82 लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी।

उन्होंने कहा कि हादसे में स्थायी रूप से दिव्यांग हुए लोगों के लिए विशेष पुनर्वास पैकेज तैयार किया जाएगा। साथ ही पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा मानकों और निरीक्षण प्रक्रिया में हुई लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित सेफ्टी एजेंसियों के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

बावनकुले ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से बातचीत कर नागपुर जिले में पिछले कुछ वर्षों में विस्फोटक फैक्ट्रियों में हुए चार-पांच हादसों की जानकारी दी है। डिविजनल कमिश्नर इन सभी घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेजेंगे, ताकि संबंधित कानूनों में आवश्यक संशोधन और सख्त एसओपी तैयार की जा सके।

राजस्व मंत्री ने बताया कि धमाके के बाद बंद हुई कंपनी का प्रबंधन दोबारा संचालन शुरू होने तक कर्मचारियों को वेतन देता रहेगा। अकुशल श्रमिकों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा और भविष्य में केवल प्रमाणित कर्मियों को ही कारखाने में काम करने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए नागपुर जिले के छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों में काम करने वाले कुशल और अकुशल श्रमिकों के सुरक्षा मानकों की व्यापक समीक्षा और निरीक्षण किया जाएगा।----------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव