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पुणे में एमपीएससी छात्रों के आंदोलन को पुलिस ने भेजा नोटिस

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मुंबई, 08 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के पुणे में एमपीएससी छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन को पुणे पुलिस ने गुरुवार को नोटिस भेज कर आंदोलन स्थगित करने का आदेश दिया है। हालांकि इसके बाद आंदोलन कर रहे छात्रों ने खबर लिखे जाने तक प्रतिक्रिया नहीं दी थी।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुणे पुलिस के विशेष शाखा के उपायुक्त ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश जारी किया है। नोटिस में पुलिस ने कहा है कि एस.एम. जोशी ब्रिज सार्वजनिक आवागमन और यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां आंदोलन की अनुमति देने से आम लोगों और सार्वजनिक परिवहन की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के लिए दूसरी जगह पर आंदोलन करने का रास्ता खुला रखा है। आदेश में कहा गया है कि यदि प्रदर्शनकारी डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर प्रतिमा क्षेत्र या पुणे जिला कलेक्टर कार्यालय के पीछे निर्धारित प्रदर्शन स्थल जैसी जगहों पर तय समय के लिए अनुमति मांगते हैं, तो उनके आवेदन पर सकारात्मक तरीके से विचार किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि एमपीएससी छात्रों ने विभिन्न मांगों को लेकर 2 अक्टूबर से आंदोलन की चेतावनी दी थी। इससे पहले 30 सितंबर को मुख्यमंत्री और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी। छात्रों की ओर से दावा किया गया था कि बैठक में उनकी अधिकांश मांगों पर सहमति बनी है। इसके बाद छात्रों ने प्रस्तावित धरना आंदोलन स्थगित करने संबंधी पत्र दिया था। इसके चलते आंदोलन के लिए पहले दी गई अनुमति वापस ले ली गई थी।

एमपीएससी आंदोलन को लेकर बॉम्बे उच्च न्यायालय में भी याचिका दाखिल की गई है। 7 अक्टूबर को हुई सुनवाई में अदालत ने निर्देश दिया था कि आंदोलन के कारण सार्वजनिक सडक़ों, पुलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर यातायात बाधित नहीं होना चाहिए। पुलिस ने इसी न्यायिक निर्देश और शहर में सार्वजनिक परिवहन तथा आम लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए एस.एम. जोशी ब्रिज पर आंदोलन की अनुमति देने से इनकार किया है। पुलिस के आदेश के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि एमपीएससी छात्र आंदोलन को लेकर प्रदर्शनकारी आगे क्या रुख अपनाते हैं?

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव