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एमपीएससी पेपर लीक जांच के लिए आयोग गठित, जस्टिस भोसले अध्यक्ष

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मुंबई, 16 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश दिलीप भोसले की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित करने का शासनादेश जारी किया है। जांच आयोग में सेवानिवृत्त न्यायाधीश पी. डी. नाइक समेत पांच सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा, तुकाराम मुंढे, गणेश पाटिल और लखमी गौतम को भी आयोग में शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जांच आयोग ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-ब, ग्रुप-क, कृषि सेवा और इंजीनियरिंग सेवा समेत कुल नौ परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच करेगा। आयोग प्रश्नपत्र, उत्तर पुस्तिका या उनके किसी हिस्से के लीक होने के आरोपों की पड़ताल करेगा। इसके साथ ही एमपीएससी के वर्तमान और पूर्व अध्यक्षों तथा सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। पेपर लीक में कथित रूप से शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की जिम्मेदारी तय करने के साथ ही आयोग दोषियों के खिलाफ संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत कार्रवाई की सिफारिश भी कर सकेगा। आयोग को शासनादेश जारी होने के दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

दरअसल एमपीएससी परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य गड़बडिय़ों के आरोपों को लेकर छात्रों ने पुणे में आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग करते हुए करीब 10 दिनों तक प्रदर्शन किया था। राज्य सरकार की ओर से जांच समिति गठित करने का आश्वासन मिलने और भीमनवार के छुट्टी पर जाने के फैसले के बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।

प्रदर्शन खत्म कराने के लिए राज्य सरकार की ओर से मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने भी छात्रों से बातचीत की थी। भीमनवार के छुट्टी पर जाने के कारण एमपीएससी के सदस्य सतीश बबन वाघोले को अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस संबंध में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव