एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक मामले में चार और आरोपित गिरफ्तार
मुंबई, 25 सितंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) के ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने चार और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान संदीप खलाटे, भैरवनाथ कदम, साजिद सांडे और विजय किंगर के रूप में हुई है। इससे पहले इस मामले में सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। ताजा कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपितों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
इस मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि एमपीएससी के ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-बी, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कैडर के 154 पदों के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट 22 मार्च 2026 को राज्य के छह परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया गया था। जांच में सामने आया कि परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता से समझौता करते हुए आर्थिक लाभ के लिए प्रश्नपत्रों की अवैध तरीके से अदला-बदली की गई।
इस मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कफ परेड पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (भादंस) की विभिन्न धाराओं के साथ महाराष्ट्र कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ इम्प्रॉपर कंडक्ट) एक्ट और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने तकनीकी और विस्तृत जांच के आधार पर एमपीएससी के कॉन्फिडेंशियल रूम से विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए प्रश्नपत्रों की प्रतियां कथित तौर पर अवैध तरीके से हासिल कर आर्थिक लाभ के लिए इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने लाया। जांच में सरकारी अधिकारियों, बिचौलियों और अभ्यर्थियों की कथित भूमिका भी सामने आई है।
इससे पहले अंडर सेक्रेटरी अभिजीत लेंडे, कॉन्फिडेंशियल रूम के असिस्टेंट रूम ऑफिसर विश्वेश्वर नकाटे, असिस्टेंट रूम ऑफिसर गोपाल मराठे, कौटिल्य एकेडमी के डायरेक्टर प्रवीण पाटिल, बिचौलिये अमृत पाटिल, लोकेश उर्फ गौरव पाटिल और अभ्यर्थी रितुजा पाटिल को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान प्रश्नपत्रों के कथित अवैध लेन-देन और उन्हें अभ्यर्थियों तक पहुंचाने में बिचौलियों की भूमिका की जानकारी सामने आई। इसलिए बीती रात इस मामले में साजिद सांडे को सांगली और विजय किंगर को बुलढाणा से, जबकि बिचौलिए की भूमिका के संदेह में संदीप खलाटे और भैरवनाथ कदम को नवी मुंबई से गिरफ्तार किया गया। फिलहाल चारों आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र आखिर किन लोगों तक पहुंचा, इसके लिए कोई आर्थिक लेन-देन हुआ था या नहीं और इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच के आगे बढ़ने के साथ प्रश्नपत्र लीक की पूरी कथित चेन के बारे में और जानकारी सामने आने की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

