दहिसर में पूर्व सांसद संजय निरुपम के वाहन पर बोतल फेंकी गईं, पुलिस की धरपकड़ जारी
मुंबई, 24 अप्रैल (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुंबई स्थित दहिसर में शिवसेना शिंदे सेना के प्रवक्ता और पूर्व सांसद संजय निरुपम की गाड़ी पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) कार्यकर्ताओं के खाली बोतल फेंकने और उनकी गाड़ी का हवा निकालने के बाद तनाव का माहौल पैदा हो गया है। दहिसर पुलिस स्टेशन इस मामले में मनसे कार्यकर्ताओं की धरपकड़ कर रही है।
इस घटना के बाद संजय निरुपम ने कहा कि मनसे कार्यकर्ता मराठी भाषा के नाम पर गुंडागर्दी पर उतर आई है। इन कार्यकर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने इस घटना का तीव्र निषेध किया है। दरेकर ने कहा कि मराठी भाषा आना चाहिए, यह सही है, लेकिन इसके नाम पर मारपीट, गुंडागर्दी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं जा सकती है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि उनकी इस मुद्दे पर संजय निरुपम से बात हुई है। वे इस मुद्दे पर मंत्रालय में २९ अप्रैल को बैठक आयोजित कर रहे हैं ।
इस घटना की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि संजय निरुपम आज दहिसर के गणपत नगर में रिक्शा चलाने वालों से बातचीत करने आए थे। उसी समय मनसे कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और संजय निरुपम के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उनकी कार पर बोतलें फेंकी, जिससे काफी हंगामा हो गया। इसके बाद वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने मनसे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया, जिससे सभी मनसे कार्यकर्ता मौके से भाग निकले। इस घटना के बाद सीसीटीवी के माध्यम से मनसे कार्यकर्ताओं की धरपकड़ जारी है।
हालांकि मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने इस घटना का समर्थन किया है। मनसे नेता नयन कदम ने कहा कि अगर संजय निरुपम इस तरह मराठी भाषा का विरोध करेंगे तो इसका इसी तरह जवाब दिया जाएगा। जबकि अधिवक्ता गुणरत्न सदावर्ते ने मनसे नेताओं के व्यक्तव्य का तीव्र विरोध किया है। गुणरत्न सदावर्ते ने उनका मज़ाक उड़ाया है। राज ठाकरे के बच्चे क्या भाषा बोलते हैं, हम उन्हें मार डालेंगे... क्या अमित ठाकरे कांस्टेबल बन गए हैं? उनकी बातें समझदारी वाली नहीं हैं। क्या आप कांस्टेबल या आरटीओ के सिपाही बन गए हैं? क्या अमित ठाकरे को पिटाई का बैच मिला है । सदावर्ते ने भी रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा के नाम पर अन्याय किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

