मुंबई पुलिस के 6.41 करोड़ रुपये के पेरोल घोटाले में मास्टरमाइंड गिरफ्तार
मुंबई, 09 सितंबर (हि.स.)। मुंबई पुलिस के उत्तर प्रादेशिक विभाग में हुए 6.41 करोड़ रुपये के कथित पेरोल घोटाले में क्राइम ब्रांच ने बुधवार को मुख्य आरोपित और कथित मास्टरमाइंड अजय राठौड़ (39) को दहिसर इलाके से गिरफ्तार किया। इस मामले में क्राइम ब्रांच की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2020 में वेतन वितरण प्रक्रिया में कथित हेराफेरी कर घोटाले को अंजाम दिया गया। आरोपितों ने अलग-अलग लोगों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाए और मुंबई पुलिस के आधिकारिक खाते से इन खातों में वेतन के नाम पर रकम ट्रांसफर की। जांच में दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 तथा जून से सितंबर 2020 के बीच वेतन वितरण में अनियमितताएं सामने आईं। पुलिस के मुताबिक, इस प्रक्रिया के जरिए कुल 6.41 करोड़ रुपये के कथित गबन का पता चला है।
वेतन वितरण में गड़बड़ी सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने विभागीय जांच के आदेश दिए थे। जांच में तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी रामकिशन गणेश गोस्वामी, नागेश तलवडेकर, विजय चव्हाण, हेड क्लर्क अजय राठौड़ और क्लर्क अमोल मेश्राम समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए।
जांच में यह भी पता चला कि कुछ ऐसे लोगों के नाम पर नियमित रूप से वेतन जारी किया जा रहा था, जो मुंबई पुलिस में कार्यरत ही नहीं थे। इससे फर्जी खातों और वेतन भुगतान के जरिए सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग की आशंका सामने आई।
मामले में क्राइम ब्रांच ने इससे पहले अगस्त में पूर्व प्रशासनिक अधिकारी रामकिशन गणेश गोस्वामी को गिरफ्तार किया था। अब अजय राठौड़ की गिरफ्तारी के बाद जांच और तेज कर दी गई है। हालांकि, मामले में तीन आरोपित अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित पेरोल घोटाले में पुलिस विभाग के और कितने कर्मचारी या अधिकारी शामिल थे। इसके अलावा गबन की गई रकम को किन खातों में भेजा गया और उसका इस्तेमाल या निवेश कहां किया गया, इसकी भी जांच की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

