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महाराष्ट्र में जिन रिक्शा-टैक्सी चालकों को मराठी नहीं आती, उसे सिखाया जाएगा: मुख्यमंत्री

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मुंबई, 25 अप्रैल (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को मुंबई में कहा कि प्रदेश में जिन रिक्शा-टैक्सी चालकों को मराठी भाषा नहीं आती, उन्हें सिखाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाषा के नाम पर अनायास विवाद नहीं किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने आज कहा कि महाराष्ट्र में जो रहता है, उसे मराठी भाषा आनी चाहिए। यह सरकार की नीति है। लेकिन जिसे मराठी भाषा नहीं आती, उसके साथ मारपीट करना उचित नहीं है। अनायास भाषा के नाम पर राज्य में विवाद फैलाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, जिसे मराठी नहीं आती उसे मराठी सिखाया जाएगा।

महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि महाराष्ट्र में सभी को मराठी आनी है, यह सरकार की नीति है। लेकिन जिसे मराठी नहीं आती, अगर उससे कहें कि अभी से मराठी बोलो, यह किसी भी तरह संभव नहीं है। इसलिए मराठी सिखाने का प्रयास किया जाना चाहिए, लेकिन तत्काल मराठी बोलने की जिद ठीक नहीं है।

शिवसेना शिंदे समूह के प्रवक्ता और पूर्व सांसद संजय निरुपम ने कहा कि महाराष्ट्र में रहने वालों को मराठी आनी चाहिए। लेकिन सिर्फ मराठी के नाम पर रिक्शा-टैक्सी चालकों का लाइसेंस रद्द नहीं किया जाना चाहिए। संजय निरुपम ने कहा कि रिक्शा -टैक्सी चालक गरीब है, उनकी रोजी-रोटी छीनना किसी भी तरह उचित नहीं है।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को संजय निरुपम दहिसर में रिक्शा चालकों से मिलने गए थे, उस समय मनसे कार्यकर्ताओं ने उनपर पथराव किया था। इस घटना में एमएचबी पुलिस स्टेशन की टीम ने ११ मनसे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। आज इन सभी को बोरीवली मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने इन सभी को १४ दिन तक न्यायिक कस्टडी में भेज दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव